साधारण से असाधारण तक — ‘ड्रोन दीदी’ जागृति साहु की उड़ान बनी महिलाओं की प्रेरणा

दुर्ग
दुर्ग जिले के मत्वारी गांव की रहने वाली जागृति साहु आज पूरे क्षेत्र में ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं। साधारण परिवार से आने वाली जागृति कभी घर-गृहस्थी और खेती-किसानी के काम में व्यस्त रहती थीं, लेकिन अपने सपनों को उड़ान देने का जज़्बा उन्होंने कभी नहीं छोड़ा।
सरकारी तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत उन्हें ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग मिली। शुरुआत में यह तकनीक उनके लिए बिल्कुल नई थी—लेकिन सीखने की ललक और मेहनत के दम पर जागृति जल्द ही ड्रोन उड़ाने में दक्ष हो गईं। आज वे खेती में कीटनाशक छिड़काव, फसल सर्वे, भूमि माप और आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाने में ग्रामीणों की अग्रणी सलाहकार बन गई हैं।
उनकी दक्षता और आत्मविश्वास को देखकर गांव की कई युवतियाँ अब ड्रोन पायलट बनने की इच्छा जताने लगी हैं। जागृति आज न केवल अपनी आजीविका को नए स्तर पर ले जा चुकी हैं, बल्कि अपने गांव और आसपास की महिलाओं में यह संदेश भी दे रही हैं कि तकनीक पर पुरुषों का एकाधिकार नहीं—महिलाएँ भी हर चुनौती को पार कर नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकती हैं।
जागृति साहु की यह सफलता ग्रामीण भारत में महिलाओं की बदलती तस्वीर और तकनीक से सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बनकर उभरी है।




