रायपुर

धान खरीदी से चुनाव तक– भूपेश बघेल ने सरकार पर बोला तीखा हमला

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर में प्रेस से चर्चा करते हुए धान खरीदी, चुनाव व्यवस्था और प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर कई तीखे सवाल उठाए।

धान खरीदी पर सरकार को घेरा

बघेल ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी प्रक्रिया अव्यवस्थित और किसान-विरोधी साबित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एग्रो स्टैक की तकनीकी गड़बड़ी के चलते हजारों किसानों का धान नहीं चढ़ पाया है।

उन्होंने दावा किया कि आदिवासी क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा दिए गए पत्ते (permission slips) होने के बावजूद खरीदी नहीं हो रही है और रोजाना शिकायतें सामने आ रही हैं।

बघेल ने आरोप लगाया कि:

SIR में नाम जोडऩे पर बीजेपी समर्थक दबाव और धमकी दे रहे हैं

सर्वर वर्षों से पहली बार इतनी बार ठप हो रहा है

फॉर्म जमा करने के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं

और हाल में ड्यूटी के दौरान केंचुए के काटने से BLO की मौत हुई है

इसी मुद्दे पर उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कटाक्ष किया

“केंद्रीय चुनाव आयोग अब केंचुआ जैसा व्यवहार कर रहा है।”

पीएम मोदी के दौरे पर सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि पीएम सिर्फ विष्णु देव साय की तारीफ करके जाते हैं, लेकिन प्रदेश की जमीनी पीड़ा नहीं देखते।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

भूमि मूल्यवृद्धि वाला सरकारी निर्णय आदिवासियों के खिलाफ है

यह बदलाव उद्योगपतियों, खासकर अदाणी समूह को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है

दुर्ग में व्यापारी भी इस फैसले के विरोध में उतर चुके हैं

भूपेश बघेल ने इसे “आत्मघाती फैसला” कहा।

घुसपैठिया वाले बयान पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री के हालिया बयान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा:

अगर छत्तीसगढ़ में घुसपैठिया हैं तो यह केंद्र सरकार की नाकामी है, क्योंकि सीमा सुरक्षा और नागरिकता नियंत्रण केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि:

कांग्रेस कभी भी राष्ट्रविरोधी तत्वों का समर्थन नहीं करती,

और सरकार को बताए कि राज्य में कितने घुसपैठिए हैं।

नक्सलवाद पर बीजेपी पर पलटवार

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हिडमा के मारे जाने पर पहला आधिकारिक बयान उन्होंने ही दिया था और इसे सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता बताया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

पुराने रिकॉर्ड चेक किए जाएं, बीजेपी शासनकाल में नक्सली उनके कार्यालय तक वसूली करने आते थे

और उस समय पूर्व गृह मंत्री के पास नक्सलियों को एक लाख रुपये देने की रसीद भी थी।

उन्होंने कहा:

“छाती पीटने वाले वही लोग हैं, जिनके राज में नक्सली पैसे लेकर जाते थे।”

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