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संकल्प’ से ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ तक: बिना नए टैक्स का बजट, महिला सशक्तिकरण और आदिवासी अंचलों पर खास फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विधानसभा में पेश किया गया वर्ष 2025–26 का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक भविष्य का स्पष्ट रोडमैप बनकर सामने आया है। कविता की पंक्तियों से शुरू हुआ यह बजट भाषण “संकल्प (SANKALP)” और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के विज़न पर केंद्रित रहा। खास बात यह है कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का यह बजट बिना किसी नए कर (No New Tax) के प्रस्तुत किया गया है।


महिला सशक्तिकरण को आर्थिक ताकत -इस बजट का सबसे मजबूत स्तंभ महिला सशक्तिकरण रहा। महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। इससे महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही रानी दुर्गावती योजना के तहत बालिका के जन्म पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1.50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है, जो बालिका शिक्षा और सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बस्तर और सरगुजा: शिक्षा से बदलाव की रणनीति

सरकार ने क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म करने के उद्देश्य से बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे संवेदनशील इलाकों में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘एजुकेशन सिटी’ स्थापित की जाएगी। सरकार का मानना है कि शिक्षा के विस्तार से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास संभव होगा।
शहरी विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर
छोटे और मध्यम शहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना लाई गई है। इसके माध्यम से सड़क, पेयजल, सीवरेज और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
बजट में विजन 2047 के तहत भारत की आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें औद्योगिक विकास, रोजगार, मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
छत्तीसगढ़िया अस्मिता का भावनात्मक स्पर्श
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में “माटी के तिलक” का उल्लेख करते हुए स्थानीय संस्कृति, परंपरा और अस्मिता को विकास की धुरी बताया। यह संकेत देता है कि सरकार विकास को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी देख रही है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
कुल बजट: ₹1,72,000 करोड़
नया टैक्स: नहीं
महिला रजिस्ट्री: 50% शुल्क छूट
रानी दुर्गावती योजना: ₹1.50 लाख (18 वर्ष पर)
आदिवासी क्षेत्र: एजुकेशन सिटी, विशेष विकास फोकस
यह बजट महिला सशक्तिकरण, आदिवासी अंचलों के उत्थान और शहरी-ग्रामीण संतुलित विकास के जरिए छत्तीसगढ़ को 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने की स्पष्ट दिशा देता है—जहां विकास के साथ-साथ छत्तीसगढ़िया पहचान भी केंद्र में है।

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