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पिकरी पार में श्रम से सृजित भविष्य, जोगी तालाब गहरीकरण से गांव को नई ताकत


जिला बालोद
रिपोर्टर जिला ब्यूरो के. पी. चंद्राकर

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर विकासखंड में मनरेगा योजना के तहत पिकरी पार गांव में श्रम और विकास की एक मिसाल सामने आई है। यहां जोगी तालाब का गहरीकरण कार्य न सिर्फ जल संरक्षण की दिशा में अहम साबित हो रहा है, बल्कि गांव के आर्थिक ढांचे को भी मजबूती दे रहा है।
करीब 8 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस कार्य से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है, जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा हुआ है। तालाब की गहराई बढ़ने से बारिश का पानी लंबे समय तक संरक्षित रहेगा, जिससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और पशुओं के लिए सालभर पानी उपलब्ध रहेगा।
पंचायत की ओर से कार्य का संचालन पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का भरोसा और सहभागिता दोनों बढ़ी हैं। गांव की सरपंच पंचशीला साहू का कहना है कि यह सिर्फ तालाब का सुधार नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए गांव की मजबूत तैयारी है।


उन्होंने बताया कि पंचायत की निगरानी में श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है और कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से यह योजना सफल हो रही है और पिकरी पार गांव आत्मनिर्भरता की ओर लगातार कदम बढ़ा रहा है।

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