हाईवे पर मौत का खेल: जांजगीर-चांपा में ट्रेलरों का अवैध डाला बढ़ाने का धंधा बेखौफ जारी — विभाग ख़ामोश

रिपोर्टर — जय ठाकुर
लोकेशन – जांजगीर-चांपा
दिनांक – 07/12/2025
जिले में हाईवे पर बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रेलर अब ‘चलते बम’ बन चुके हैं। फिटनेस और परमिट की शर्तों को ताक पर रखकर ट्रेलरों में अवैध रूप से 1 से 2 फीट तक डाला बढ़ाने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह काम संगठित तरीके से हो रहा है—एक पूरा रैकेट सक्रिय है, और परिवहन व यातायात विभाग की खामोशी कई बड़े सवाल खड़े करती है।
कैसे बढ़ाया जा रहा है ट्रेलरों का डाला?
चंद घंटों में वेल्डिंग से ट्रेलर के ऊपरी हिस्से को बढ़ा दिया जाता है। बढ़े हुए डाले की वजह से ट्रेलर सामान्य क्षमता से कहीं अधिक माल ढोता है, जिससे ट्रांसपोर्टरों को मोटा फायदा मिलता है—लेकिन यह फायदे की लालच हाईवे पर मौत का जोखिम बनकर दौड़ रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
वाहन तकनीक और ट्रैफिक विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि यह बदलाव सीधा-सीधा जानलेवा है।
डाला बढ़ने से वाहन का सेंटर ऑफ ग्रेविटी ऊपर उठ जाता है
मोड़ पर पलटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है
ब्रेकिंग दूरी बढ़ती है, कंट्रोल कम हो जाता है
ओवरलोडिंग से ब्रेक, टायर और एक्सल जल्दी फेल होते हैं
एक भी खराबी हाईवे पर बड़े हादसे में बदल सकती है
कानून क्या कहता है?
मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक—
परिवहन विभाग की अनुमति के बिना किसी भी वाहन की संरचना बदलना पूरी तरह अवैध


ओवरलोडिंग पर भारी जुर्माना और वाहन जब्ती अनिवार्य
लेकिन जिले में ये अवैध बदलाव खुलेआम जारी हैं, और विभाग की चुप्पी से यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या कोई शक्तिशाली लॉबी इस खेल को संरक्षण दे रही है?
स्थानीय लोगों की चिंता
हाईवे किनारे रहने वाले लोग और ड्राइवर खुले शब्दों में कहते हैं कि:
“अगर अभी तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी दिन एक भीषण हादसा जिले को हिला देगा।”
बड़ा सवाल — कार्रवाई कब?
क्या परिवहन और यातायात विभाग संयुक्त कार्रवाई करेगा?
क्या ओवरलोड और अवैध मॉडिफाइड ट्रेलरों पर रोक लगेगी?
या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कागजों में कार्रवाई शुरू होगी?
जांजगीर-चांपा हाईवे पर डाला बढ़ाकर ओवरलोडिंग का यह खेल सीधे-सीधे लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ है — और इसका अंत तभी होगा जब विभाग जागेगा।




