
कोरबा
रिपोर्टर रितिक वैष्णव
कोरबा जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं का जीवंत उदाहरण देखने को मिला, जहां गौरा-गौरी पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व के दौरान ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि की कामना की।कोरबा जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा के जाला मोहल्ले में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गौरा-गौरी पर्व छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा के अनुरूप मनाया गया।




इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।आयोजन के दौरान ढोल-मांदर और पारंपरिक कर्मा बाजा की थाप पर ग्रामीणों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी, जिससे पूरे मोहल्ले में उत्सव का माहौल बन गया।कार्यक्रम में जनपद सदस्य किशन कोसले विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने गौरा-गौरी पर्व को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं और ऐसी परंपराओं को संरक्षित रखने पर जोर दिया।कार्यक्रम के समापन पर विधिविधान से गौरा-गौरी का विसर्जन किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए, जिससे सामाजिक एकता और लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।




