Gold vs Bank FD: निवेशकों के लिए कौन ज्यादा सुरक्षित? जानिए कहां रहेगा आपका पैसा ज्यादा सेफ

न्यूज़ | नई दिल्ली
बीते कुछ वर्षों में निवेश के विकल्प तेजी से बदले हैं। जहां पहले आम निवेशक बैंक एफडी और डाकघर योजनाओं तक सीमित रहते थे, वहीं अब सोना, म्यूचुअल फंड, शेयर और बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर रुझान बढ़ा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मौजूदा हालात में सोना या बैंक एफडी—कौन सा निवेश ज्यादा सुरक्षित है?
सोना: संकट में सुरक्षित ठिकाना
सोना हमेशा से विपरीत परिस्थितियों में सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने की मांग तेज हो जाती है और इसके दाम चढ़ते हैं। सोना फिक्स रिटर्न नहीं देता, लेकिन लंबी अवधि में यह महंगाई को मात देता रहा है। करेंसी की वैल्यू गिरने पर सोने की कीमत बढ़ना इसकी बड़ी खासियत है। हालांकि, इसमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा रहता है।
बैंक एफडी: गारंटीड और स्थिर रिटर्न
बैंक एफडी आज भी सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्पों में गिनी जाती है। इसमें 7 दिन से लेकर 10 साल तक निवेश किया जा सकता है और तय अवधि पर फिक्स रिटर्न मिलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार बैंक में जमा 5 लाख रुपये तक की राशि पर बीमा सुरक्षा देती है, जिससे जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।
निष्कर्ष
अगर आप स्थिर और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो बैंक एफडी बेहतर विकल्प है। वहीं, लंबी अवधि और महंगाई से बचाव के लिए सोना मजबूत निवेश साबित हो सकता है। समझदारी इसी में है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में दोनों का संतुलन बनाकर चलें




