सार्वजनिक समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के छह छंद अनिवार्य, सरकार ने जारी किया आदेश

नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ के गायन और वादन को लेकर नई आधिकारिक गाइडलाइन जारी की है। गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार अब सरकारी और सार्वजनिक समारोहों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही गीत के दौरान उपस्थित लोगों को राष्ट्रगान की तरह सम्मानपूर्वक खड़ा होना होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के प्रति समान आदर और कार्यक्रमों में एकरूपता सुनिश्चित करना है।
नई गाइडलाइन के मुताबिक, यदि किसी समारोह में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों का आयोजन किया जाता है, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा। ‘वंदे मातरम्’ के छह छंदों की निर्धारित अवधि 3 मिनट 10 सेकंड तय की गई है।
यह प्रोटोकॉल तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति और राज्यपाल के आधिकारिक कार्यक्रमों, राष्ट्र के नाम संबोधन, पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों और अन्य सरकारी आयोजनों में लागू होगा। शैक्षणिक संस्थानों के आधिकारिक कार्यक्रम भी इसके दायरे में आएंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कोई दंडात्मक कानून नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक प्रोटोकॉल है, जिसे सरकारी कार्यक्रमों में अपनाया जाएगा।




