
लोकेशन: अंबिकापुर / रिपोर्टर: विनीत मिश्रा
एक दिवसीय दौरे पर अंबिकापुर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी दी। कार्यक्रम में मशहूर रेसलर गीता फोगाट सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


अंबिकापुर में तीन दिवसीय संभागीय स्तर के सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत हो चुकी है। पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित इस प्रतियोगिता में खो-खो, कबड्डी, दौड़, वॉलीबॉल, बैडमिंटन सहित 12 खेल विधाओं में मुकाबले होंगे। कार्यक्रम में शामिल हुई हरियाणा की अंतरराष्ट्रीय रेसलर गीता फोगाट ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने खासतौर पर प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में भाग ले रही महिला खिलाड़ियों की सराहना की और कहा कि हार से निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि कमजोरियों को दूर कर आगे बढ़ना ही सफलता का मंत्र है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेल के जरिए देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।



सरगुजा ओलंपिक के शुभारंभ के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के बाद अब सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत की गई है, जिससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं चला रही है। राष्ट्रीय ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, गोल्ड मेडल जीतने पर 3 करोड़, सिल्वर पर 2 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल पर 1 करोड़ रुपए देने का प्रावधान किया गया है।



इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा में लाए गए अवैध धर्मांतरण विरोधी कानून पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, जिसमें 10 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा शामिल है।




