धान खरीदी केंद्र सोनसरी में भारी लापरवाही, किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा

सोनसरी
धान खरीदी केंद्र सोनसरी में गंभीर अव्यवस्थाओं और लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां किसानों से निर्धारित मानकों के अनुसार 40 किलो 700 ग्राम खरीदना है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर किसानों से लगभग 41,500 किलो धान की खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों की मेहनत और धान की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
धान रखने के लिए बनाए गए स्थल की स्थिति बेहद खराब जमीन पर केवल एक पन्नी के सहारे धान रखा जा रहा है, जिससे धान खराब होने की आशंका बढ़ गई है। न तो पर्याप्त प्लेटफॉर्म की व्यवस्था है और न ही मौसम से बचाव के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं।
इतना ही नहीं, राइस मिल से ट्रक धान उठाव के लिए केंद्र पर पहुंच रहे हैं और वहीं लोडिंग की जा रही है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान खरीदी केंद्र प्रभारी मौके पर मौजूद नहीं थे। नियमों के विपरीत बिना प्रभारी की निगरानी में धान का उठाव होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।


जब मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र प्रभारी जांजगीर गए हुए हैं। प्रभारी की अनुपस्थिति में धान खरीदी और उठाव जैसे संवेदनशील कार्यों का संचालन होना कई सवाल खड़े करता है।धान खरीदी केंद्र सोनसरी की यह स्थिति न केवल शासन के दिशा-निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि सीधे तौर पर किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ भी है। डीएमओ ने खुद यह दावा किया है कि किसानों से 40 किलो 700 ग्राम धन खरीदना है यदि इससे अधिक लिया जाता है तो मामले में कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।




