जांजगीर-चांपा

400–500 फीट गहरे उत्खनन में राखड़ भराव से भूजल पर संकट! बिरगहनी चांपा में 5 स्थानों से पानी के नमूने लिए गए

बिरगहनी चांपा, जिला जांजगीर-चांपा
ग्राम पंचायत बिरगहनी चांपा एवं आसपास के क्षेत्रों में संभावित भूजल प्रदूषण के गंभीर मामले में आज केंद्रीय भूजल बोर्ड/भूजल विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण कर पांच अलग-अलग हैंडपंप एवं बोरवेल से जल नमूने संग्रहित किए। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण रिपोर्ट लगभग एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध हो जाएगी।
ग्रामीणों ने जांच टीम के समक्ष गंभीर आरोप और आशंका व्यक्त की कि क्षेत्र में संचालित कुछ क्रेशर उद्योगों द्वारा 400 से 500 फीट तक गहराई में उत्खनन किया गया है। उत्खनन के बाद बने गहरे गड्ढों में कथित रूप से थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश/राखड़ का भराव किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी गहराई तक खुदाई भूजल स्तर (Water Table) को सीधे प्रभावित करती है। यदि इन गड्ढों में औद्योगिक राखड़ डाली जा रही है, तो उससे भूजल में भारी धातुओं (जैसे आर्सेनिक, सीसा, पारा आदि) के रिसाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यह स्थिति भविष्य में पेयजल को विषैला बना सकती है और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

ग्राम के अधिकांश परिवार पेयजल एवं कृषि के लिए भूजल स्रोतों पर निर्भर हैं। यदि जांच में प्रदूषण की पुष्टि होती है, तो यह केवल पर्यावरणीय लापरवाही नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।
निरीक्षण के दौरान
विकास शर्मा (सामाजिक कार्यकर्ता)
ग्राम पंचायत के सरपंच
ग्राम के नागरिक एवं ग्रामीणजन
उपस्थित रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की।
सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने स्पष्ट कहा कि:
“यदि जांच में भूजल प्रदूषण की पुष्टि होती है, तो संबंधित उद्योगों, ठेकेदारों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य है।”
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
जल परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
गहरे उत्खनन स्थलों की तकनीकी जांच कराई जाए।
यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो तत्काल भराव कार्य रोका जाए।
क्षेत्र में नियमित भूजल मॉनिटरिंग और स्वास्थ्य सर्वे कराया जाए।
ग्रामवासियों ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र को संभावित पर्यावरणीय आपदा से बचाया जा सके।
जारीकर्ता:
विकास शर्मा
RTI/सामाजिक कार्यकर्ता
वार्ड क्रमांक 12, ग्राम बिरगहनी चांपा
जिला – जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button