छत्तीसगढ़ में मंत्रियों-अफसरों के रूटीन दौरों पर गार्ड ऑफ ऑनर खत्म, प्रशासनिक सुधार की नई पहल

रायपुर, 25 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अहम प्रशासनिक बदलाव करते हुए मंत्रियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को रोज़मर्रा के कार्यक्रमों, जिलों के निरीक्षण और सामान्य दौरों के दौरान दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। यह आदेश गृह विभाग की ओर से जारी किया गया है और राज्य में लागू हो चुका है।
इस फैसले का उद्देश्य पुलिस बल के संसाधनों का उपयोग जन-सेवा और कानून-व्यवस्था संबंधी मुख्य जिम्मेदारियों में अधिक प्रभावी तरीके से करना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि गार्ड ऑफ ऑनर जैसी औपचारिकताएँ अक्सर पुलिस बल और प्रशासन का समय लेती थीं, इसलिए अब इसे सीमित कर दिया गया है।
फैसले के मुख्य बिंदु
रूटीन कार्यक्रम, निरीक्षण, यात्रा और सामान्य शासकीय दौरों के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जाएगा।
निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
यह कदम औपनिवेशिक परंपराओं से हटकर आधुनिक प्रशासनिक सोच को लागू करने की दिशा में माना जा रहा है।
पुलिस कर्मियों की तैनाती अब असली जरूरतों और फील्ड ड्यूटी पर प्राथमिकता से होगी।
कहाँ जारी रहेगा गार्ड ऑफ ऑनर?
यह परंपरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
राजकीय और राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में—
गणतंत्र दिवस
स्वतंत्रता दिवस
पासिंग-आउट परेड
राज्य स्तरीय सम्मान समारोह
जैसे विशेष मौकों पर गार्ड ऑफ ऑनर पहले की तरह जारी रहेगा।
सरकार का नजरिया
सरकार के अनुसार यह बदलाव राज्य में व्यवस्था को सरल, संसाधन-कुशल और जनता-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय वर्तमान समय की जरूरतों के हिसाब से शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने की नीति का हिस्सा है।




