एनएसएस विशेष शिविर में वन्यजीव विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी का मार्गदर्शन — बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की समझ हुई और गहरी

कोरबा
शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोरबा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई क्रमांक 171 द्वारा ग्राम तरदा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर में बुधवार को वन एवं वन्यजीव संरक्षण पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। शिविर में कुल 45 स्वयंसेवक सहभागी बने हुए हैं, जो विभिन्न सामाजिक व पर्यावरणीय विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं।
विशेष सत्र में नोवा नेचर (वाइल्डलाइफ) के वन्यजीव विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी एवं वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम सदस्य बबलू मारवा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद अतिथियों का पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया।


कार्यक्रम के दौरान जितेंद्र सारथी ने स्वयंसेवकों को जैव विविधता का महत्व, वन एवं वन्यजीव संरक्षण की भूमिका, तथा साँपों से जुड़े मिथकों और वैज्ञानिक सत्य जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सरल भाषा और रोचक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को यह समझाया कि प्रकृति संतुलन बनाए रखने में हर जीव–जन्तु की अहम भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्कूल-स्तर पर लगातार आयोजित होने चाहिए, जिससे बच्चों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो और वे संरक्षण की दिशा में जागरूक नागरिक बन सकें।
उनके मार्गदर्शन से बच्चों में पर्यावरण सुरक्षा, वन्यजीव बचाव प्रक्रियाओं और मानवीय जिम्मेदारियों को लेकर सकारात्मक सोच विकसित होती दिखाई दी।
शिविर में विशेष रूप से नोवा नेचर से जितेंद्र सारथी, बबलू मारवा, धर्मेंद्र कुमार, कार्यक्रम अधिकारी प्रभात शर्मा, शिक्षक मोनोश बरिया, इंदेश्वरी बघेल सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।




