नो एंट्री में भी दौड़ रहीं कोलवासरी की भारी गाड़ियाँ, बलौदा–नैला मार्ग पर कलेक्टर के आदेशों की खुली अनदेखी

बलौदा–नैला मुख्य मार्ग पर प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक भारी वाहनों के लिए नो एंट्री लागू होने के बावजूद महावीर कोलवासरी की भारी-भरकम गाड़ियाँ बेखौफ सड़क पर दौड़ती देखी जा रही हैं। यह वही समय है जब स्कूली बच्चे, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में इस मार्ग का उपयोग करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति नई नहीं है, बल्कि रोज़ का नियम बन चुकी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो परिवहन विभाग की सक्रियता दिखाई देती है और न ही पुलिस की सख्ती। लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को इस अवैध आवाजाही की पूरी जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं।
नागरिकों का साफ कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। सवाल यह उठ रहा है कि जब कलेक्टर का स्पष्ट आदेश मौजूद है, तो उसका पालन आखिर कौन कराएगा? क्या नियम-कानून सिर्फ आम लोगों के लिए हैं और कुछ चुनिंदा कंपनियों के वाहन इनके दायरे से बाहर हैं?
अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की भूमिका पर है। क्या इस खुली अवहेलना पर ठोस कार्रवाई होगी या फिर कलेक्टर के आदेश यूं ही सड़क पर रौंदे जाते रहेंगे।




