
रायपुर में एक हाई-प्रोफाइल मामले ने तूल पकड़ लिया है, जहां एक स्थानीय कारोबारी और वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी DSP कल्पना वर्मा के परिवार के बीच करोड़ों रुपये और कीमती आभूषणों को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में काउंटर एफआईआर दर्ज कराई है।
व्यापारी का आरोप है कि उससे करीब 2 करोड़ रुपये नकद और हीरे जैसे कीमती आभूषण लिए गए, लेकिन तय समय पर न तो रकम लौटाई गई और न ही आभूषण वापस किए गए। कारोबारी ने इसे जबरन वसूली का मामला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वहीं DSP के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया है कि व्यापारी द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेहद गंभीर और तथ्यहीन हैं। परिवार का दावा है कि कारोबारी खुद दबाव बनाने और बदनाम करने की नीयत से झूठी शिकायत दर्ज करा रहा है। इस संबंध में परिवार की ओर से भी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला आपसी लेन-देन का है या वास्तव में जबरन वसूली और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ।
फिलहाल यह मामला रायपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें एक ओर कारोबारी वर्ग और दूसरी ओर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का परिवार शामिल है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है और कहा है कि सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




