अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण: राम मंदिर पूर्ण, 161 फीट शिखर पर धर्मध्वजा फहराया गया

अयोध्या ने आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर का संपूर्ण निर्माण पूर्ण घोषित किया गया और आज 161 फीट ऊंचे शिखर पर धर्मध्वजा फहराया गया। अभिजीत मुहूर्त में 11:50 बजे बटन दबाते ही केसरिया ध्वज मंदिर के शिखर पर लहराने लगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सम्पन्न किया। ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया और इसे सदियों पुराने सपनों की पूर्ति बताया।

प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत सदियों के घावों से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राम केवल व्यक्ति नहीं, आदर्श और मर्यादा हैं और राम मंदिर भारत के आत्मगौरव की नई शुरुआत है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दशक देश को नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम से पहले पूजा-अर्चना
ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री ने पहली बार प्रथम तल पर निर्मित रामदरबार में पूजा-अर्चना की। रामलला को सोने-रेशम के धागों से बने पीतांबर वस्त्र पहनाए गए। मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस विशेष पूजा में शामिल हुए।


अयोध्या में भव्य आयोजन
साकेत कॉलेज से रामजन्मभूमि तक प्रधानमंत्री का रोड शो हुआ, जहां स्कूली बच्चों और महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। अयोध्या को पूरी तरह भव्य रूप से सजाया गया था।
शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया
5-लेयर सुरक्षा व्यवस्था तैनात
ध्वजदंड पर 21 किलो सोना मढ़ा गया
ध्वजा अत्यंत तेज हवाओं में भी सुरक्षित रहने के लिए विशेष तकनीक से तैयार
मोहन भागवत का वक्तव्य
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज उन सभी लोगों की आत्माएं तृप्त हुई हैं जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौरान बलिदान दिया। उन्होंने इसे 550 साल के संघर्ष का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह दिन भारतीय संस्कृति की आत्मा के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन नई सदी के नए अध्याय की शुरुआत है।
धर्मध्वजा की विशेषताएँ
वजन: 2 किलो
ध्वजदंड पर 21 किलो सोना
शिखर की ऊंचाई: 161 फीट
हवा की दिशा बदलने पर भी न उलझने देने वाली तकनीक
सूर्य, ऊं और रघुवंश परंपरा से जुड़े चिन्ह अंकित




