
ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की लक्षित हत्या को लेकर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के प्रमुख की लक्षित हत्या अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था के खिलाफ है और यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) और 2(7) की भावना का उल्लंघन है। पार्टी ने कहा कि यह कदम देशों की राजनीतिक स्वतंत्रता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांतों के विपरीत है।
बयान में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा गया कि भारत की विदेश नीति शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, बातचीत से समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित है। कांग्रेस ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’, महात्मा गांधी की अहिंसा और पंडित जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्षता की नीति को भारत की मूल विदेश नीति का आधार बताया।
पार्टी ने कहा कि किसी बाहरी शक्ति को किसी देश की सरकार बदलने या उसके नेतृत्व को तय करने का अधिकार नहीं है। इसे “साम्राज्यवादी प्रवृत्ति” करार देते हुए कांग्रेस ने वैश्विक शांति और संप्रभुता के सम्मान की अपील की।
ओवैसी की भी कड़ी प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम पर Asaduddin Owaisi ने भी कड़ी निंदा जताई। उन्होंने इसे “कायरतापूर्ण और अमानवीय हमला” बताते हुए कहा कि ईरान इसके जवाब में कार्रवाई करेगा। ओवैसी ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ता है तो तेल की कीमतों में उछाल से भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ईरान में 40 दिन का शोक
ईरानी मीडिया के मुताबिक, खामेनेई की मौत के बाद देश में 40 दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है। अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है और ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज करने की बात कही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते इस संघर्ष ने वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





