बारिश में भीगते रहे भूखे नाविक, सिस्टम नदारद… शिवरीनारायण में प्रशासन पर उठे सवाल

रिपोर्टर:मुरली नायर
लोकेशन:शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)
जांजगीर-चांपा से इस वक्त की सबसे बड़ी और शर्मनाक तस्वीर सामने आ रही है… जहां बेमौसम बारिश ने सिस्टम की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया है। शिवरीनारायण में गरीब नाविक अपने हक के लिए सड़क पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसरों का कहीं अता-पता नहीं है।
कल से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे ये प्रदर्शनकारी आज भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। तेज आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश के बावजूद ये लोग खुले आसमान के नीचे बैठे रहे, भीगते रहे… लेकिन प्रशासन का एक भी नुमाइंदा उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा।

ये तस्वीर सिर्फ एक प्रदर्शन की नहीं, बल्कि सिस्टम की बेरुखी और बेरहमी की गवाही दे रही है। 55 साल का एक बुजुर्ग, जिस उम्र में उसे सहारे की जरूरत है, वो आज न्याय की आस में भूखा बैठा है… भीग रहा है… लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं।
क्या यही है सुशासन? क्या गरीबों की आवाज अब इतनी कमजोर हो चुकी है कि सत्ता के कानों तक नहीं पहुंचती? जांजगीर-चांपा का प्रशासन आखिर किस बात का इंतजार कर रहा है? क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही सिस्टम जागेगा?
नगर पंचायत शिवरीनारायण में हालात ऐसे हैं कि इंसानियत भी सवालों के घेरे में है। प्रदर्शनकारी लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा… तो ये सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गरीबों के हक की खुली हत्या मानी जाएगी। सवाल सीधा है— आखिर कब खुलेगी प्रशासन की आंखें और कब मिलेगा इन नाविकों को उनका हक?




