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पहली बार टू-व्हीलर लोन ले रहे हैं? इन 7 बातों का रखें ध्यान, वरना बढ़ सकती है EMI और बजट पर पड़ सकता है असर

आज के समय में बाइक या स्कूटी सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है। ऑफिस जाने से लेकर छोटे-मोटे काम निपटाने तक, दोपहिया वाहन किफायती और सुविधाजनक विकल्प है। यही वजह है कि अधिकतर लोग टू-व्हीलर खरीदने के लिए लोन का सहारा लेते हैं।

लेकिन अगर आप पहली बार बाइक या स्कूटी लोन पर खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें जानना बेहद ज़रूरी है—वरना EMI बढ़ने, ज्यादा ब्याज देने और अनावश्यक चार्जेस का सामना करना पड़ सकता है।

यहां जानिए टू-व्हीलर लोन लेने से पहले ध्यान रखने वाली 7 अहम बातें—

  1. ब्याज दर (Interest Rate) सबसे बड़ा फैसला

हर बैंक व NBFC की ब्याज दर अलग होती है। टू-व्हीलर लोन पर आमतौर पर 8% से 20% तक की ब्याज दर देखने को मिलती है।

कम ब्याज दर = कम EMI और कम कुल खर्च

ज्यादा ब्याज दर = लंबी अवधि में बड़ा वित्तीय बोझ

लोन लेने से पहले कम से कम 3–4 बैंकों के ऑफर जरूर तुलना करें।

  1. सिर्फ EMI नहीं, प्रोसेसिंग फीस और अतिरिक्त चार्जेस भी समझें

अधिकतर लोग EMI देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन प्रोसेसिंग फीस को नजरअंदाज कर देते हैं।

बैंक 500 से 2,500 रुपये तक शुल्क ले सकते हैं

कुछ बैंक “Zero Processing Fee” ऑफर भी देते हैं

इसके अलावा स्टैम्प ड्यूटी, डॉक्यूमेंट चार्जेस और इंश्योरेंस भी जोड़ दिए जाते हैं

लोन लेने से पहले इन सभी चार्जेस की पूरी डिटेल जान लें।

  1. प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज को न भूलें

अगर लोन जल्दी चुकाने की योजना है तो—

कई बैंक प्री-पेमेंट (EMI से पहले पेमेंट) पर चार्ज लेते हैं

फोरक्लोजर (एकमुश्त पूरा भुगतान) पर भी शुल्क लग सकता है

लोन लेने से पहले इन दोनों चार्जेस की जानकारी साफ-साफ लें।

  1. डाउन पेमेंट जितना बड़ा, उतना फायदा

बैंक आमतौर पर वाहन की कीमत का 70%–90% तक लोन देते हैं।
यानी आपको 10%–30% तक डाउन पेमेंट करना होगा।

बड़ा डाउन पेमेंट देने के फायदे

EMI कम

ब्याज का बोझ कम

कुल लोन राशि घट जाती है

विशेषज्ञ मानते हैं कि कम से कम 20–25% डाउन पेमेंट रखना फायदेमंद रहता है।

  1. EMI आपकी सैलरी के अनुसार होनी चाहिए

टू-व्हीलर EMI आपकी नेट इनकम के 30% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
ज्यादा EMI लेने पर हर महीने वित्तीय तनाव बढ़ सकता है।

लोन चुनने से पहले EMI कैलकुलेटर से अपनी क्षमता के अनुसार सही EMI तय करें।

  1. CIBIL स्कोर बनाएगा लोन को आसान

पहली बार लोन लेते समय CIBIL स्कोर सबसे ज्यादा मायने रखता है।

750+ स्कोर = कम ब्याज दर और जल्दी मंजूरी

650 से कम स्कोर = ज्यादा ब्याज या लोन रिजेक्ट होने की संभावना

लोन अप्लाई करने से पहले अपना CIBIL स्कोर जरूर जांचें।

  1. इंश्योरेंस का खर्च भी शामिल करें

टू-व्हीलर खरीदते समय इंश्योरेंस अनिवार्य होता है।

अक्सर बैंक या डीलर 3 साल का कम्पल्सरी इंश्योरेंस जोड़ देते हैं, जिससे ऑन-रोड प्राइस बढ़ जाता है।

बेहतर होगा कि आप अलग-अलग इंश्योरेंस प्लान की तुलना करें और खुद का सस्ता व उचित प्लान चुनें।

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