
रिपोर्टर – दीपक यादव /लोकेशन– बिलासपुर
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की बैठक लेकर ‘अनुभव’ पोर्टल के तहत प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की। बैठक में पिछले एक माह के दौरान विभिन्न थानों और पुलिस कार्यालयों से मिले सुझावों और शिकायतों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, एसएसपी रायगढ़ शशिमोहन सिंह, एसपी कोरबा सिद्धार्थ तिवारी, एसपी जांजगीर-चांपा विजय पांडे, एसपी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही मनोज खिलाड़ी तथा एसपी सक्ती प्रफुल्ल ठाकुर सहित रेंज के अन्य अधिकारी शामिल हुए।

आईजीपी गर्ग ने बताया कि ‘अनुभव’ के माध्यम से थानों और पुलिस कार्यालयों में आने वाले लोग क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी शिकायत, सुझाव और प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं। प्राप्त फीडबैक के आधार पर पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।
जिलों से प्राप्त फीडबैक का विवरण
फरवरी 2026 में बिलासपुर जिले से कुल 201 फीडबैक प्राप्त हुए, जिसमें थाना सरकंडा से सर्वाधिक 64 और सिविल लाइन से 20 फीडबैक मिले, जबकि सिटी कोतवाली, बिल्हा, अजाक, यातायात थाना, रेंज साइबर थाना, ACCU, पुलिस सहायता केंद्र सिम्स और मोपका से कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ।
रायगढ़ जिले में कुल 331 फीडबैक दर्ज हुए, जिनमें जूटमिल और कोतरारोड थाने से 44-44 फीडबैक मिले, जबकि अजाक और महिला थाना से कोई फीडबैक नहीं मिला।
कोरबा जिले में 55 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें उरगा थाना से 12 फीडबैक सर्वाधिक रहे। वहीं कोतवाली, साइबर थाना, दर्री, कुसमुंडा, पाली, पसान और लेमरू से कोई फीडबैक नहीं मिला।
जांजगीर-चांपा जिले में कुल 100 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें सारागांव थाना से 20 और जांजगीर थाना से 11 फीडबैक मिले, जबकि पुलिस सहायता केंद्र कोटमिसोनर और रहौद से कोई फीडबैक दर्ज नहीं हुआ।
मुंगेली जिले में 230 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें पथरिया थाना से 46, लोरमी से 24, सिटी कोतवाली से 33 और साइबर सेल से 21 फीडबैक मिले। वहीं डिंडोरी चौकी से कोई फीडबैक नहीं मिला।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 51 फीडबैक दर्ज हुए, जिनमें डोंगरीपाली थाना से 11 फीडबैक मिले, जबकि बिलाईगढ़ थाना से कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ।
सक्ति जिले में कुल 127 फीडबैक मिले, जिनमें मालखरौदा थाना से 38, जैजैपुर से 20 और डभरा से 19 फीडबैक दर्ज हुए।
वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से 39 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें पेण्ड्रा थाना से 22 फीडबैक मिले, जबकि खोडरी चौकी से कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ।
औसत रेटिंग पर जताई संतुष्टि
आईजीपी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि अधिकांश थानों की रेटिंग 5 के पैमाने पर औसतन करीब 3.5 रही है, जिस पर उन्होंने संतोष जताया। साथ ही जिन थानों की रेटिंग कम है, उनमें सुधार लाने के लिए पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि अनुभव पोर्टल के जरिए कई रोचक और उपयोगी सुझाव भी मिले हैं। कहीं पेयजल और बैठने की व्यवस्था को लेकर सुझाव आए हैं, तो कहीं पुलिस अधिकारियों के व्यवहार से संबंधित शिकायतें भी मिली हैं। वहीं कई जगहों पर आम नागरिकों ने पुलिस के अच्छे कार्यों की सराहना भी की है।
आईजीपी ने निर्देश दिया कि अनुभव के तहत प्राप्त प्रत्येक फीडबैक की गंभीरता से समीक्षा कर थानों की व्यवस्थाओं और पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार लाया जाए। जिन थानों से लगातार अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, उन्हें पुरस्कृत करने की भी व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन थानों से फीडबैक बिल्कुल नहीं मिल रहे हैं, उनके कारणों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए। आईजीपी ने आम जनता से भी अपील की कि वे ‘अनुभव’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव और फीडबैक दर्ज करें, ताकि पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
बताया गया कि इस प्रकार की समीक्षा बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी और गंभीर प्रकृति की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।




