
लोकेशन: चिकनिपाली
रिपोर्टर: सरोज रात्रे
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
चिकनिपाली धान खरीदी केंद्र में संदिग्ध तरीके से पहुंचे दो ट्रैक्टर धान ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
जानकारी के मुताबिक, चिकनिपाली धान खरीदी केंद्र में सुबह-सुबह दो ट्रैक्टर धान लेकर पहुंचे, जिन पर मौके पर ही संदेह जताया गया।
इस पूरे मामले की सूचना तत्काल एसडीएम और तहसीलदार को दी गई है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि ग्राम गनियारी निवासी ईश्वरी प्रसाद पटेल के नाम पर 98.80 क्विंटल धान की टोकन पहले ही जारी की जा चुकी थी।
जबकि गांव के लोगों का साफ कहना है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा खेती-किसानी नहीं की जाती।


ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि —
जब खेती ही नहीं की गई, तो यह धान आखिर आया कहां से?
सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आई है कि धान से भरी ट्रैक्टर शक्ति जिले के जगदल्ली गांव से लाई गई थी और काशी पानी मार्ग से होते हुए चिकनिपाली धान खरीदी केंद्र पहुंची।
यह संकेत देता है कि बाहरी और अवैध धान को खपाने की कोशिश की जा रही थी।
सबसे गंभीर सवाल भौतिक सत्यापन को लेकर खड़ा हो रहा है।
शासन-प्रशासन घर-घर जाकर सत्यापन करने का दावा करता रहा है, लेकिन जब ग्राम सेवक ने स्वयं भौतिक सत्यापन नहीं करने की बात कही, तो फिर यह सत्यापन आखिर किसने किया?



जैसे-जैसे धान खरीदी का अंतिम समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
अब निगाहें एसडीएम और तहसीलदार की कार्रवाई पर टिकी हैं —
क्या दोषियों पर सख्त कदम उठेंगे, या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?




