कोरबा में धान बेचने दफ्तरों का चक्कर लगाता रहा किसान, नहीं बिका धान: किया जहर का सेवन… मामले में पटवारी निलंबित, तहसीलदार को नोटिस जारी

कोरबा में धान बेचने दफ्तरों का चक्कर लगाता रहा किसान, नहीं बिका धान: किया जहर का सेवन… मामले में पटवारी निलंबित, तहसीलदार को नोटिस जारी..!

कोरबा में धान खरीदी एवं बिक्री के सुचारू संचालन होने के दावों के बीच, परेशान कर देने वाली खबर सामने आई हैं। मेहनत से उगाई धान न बेच पाने से किसान ने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहर का सेवन कर लिया, जिसे आनन फानन में जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया है। जहां उपचार जारी हैं।
ग्राम पुटा, हरदीबाजार निवासी सुमेर सिंह, पिछले महीने से अपना धान बेचने के लिए दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था, ताकि उसका उगाया धान बिक सके, मगर न तो किसान को टोकन मिल पा रहा था न ही धान खरीदी हो पा रही थी। परेशान किसान ने जनदर्शन में पहुंच शिकायत दर्ज कराई थी, यहां से भी किसान खाली हाथ लौट गया, जिससे परेशान ग्रामीण ने मानसिक तनाव में आकर जहर का सेवन कर लिया।


कोरबा प्रवास पर रही कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल पहुंच पीड़ित किसान से मुलाकात कर उनका हाल और समस्या जाना । सांसद महंत ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि – ” आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी एक आदिवासी किसान को धान बेचने में परेशानी हो रही है इसकी मै घोर निंदा करती हूं “
पूरा मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य हड़कंप मच गया, मामले में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं नगर विधायक लखनलाल देवांगन ने कहा कि – मामले में जो भी पटवारी तहसीलदार या अन्य दोषी पाया जाएगा उसपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। घटना की जांच हेतु समिति का घटना कर दिया गया हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देर शाम जिला प्रशासन ने भी धान खरीदी में लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए पटवारी कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि तहसीलदार हरदीबाजार अभिजीत राजभानु को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाली की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि संबंधित पटवारी द्वारा कृषकों का स्थल निरीक्षण और सत्यापन नहीं किया गया, जिससे किसान धान उपार्जन केंद्रों में अपनी उपज बेचने से वंचित रहे। इसे शासन निर्देशों की अवहेलना और कदाचार मानते हुए कार्रवाई की गई।




