
दीपक वर्मा – जशपुर
लोकेशन – कुनकुरी
कुनकुरी से बड़ी खबर है जहां खेल प्रतिभाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित सरगुजा ओलंपिक 2026 की कुनकुरी विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता अब गंभीर विवादों में घिरती नजर आ रही है। खेल एवं युवा आयोग, छत्तीसगढ़ शासन के इस आयोजन में जीतने वाले खिलाड़ियों को गाइडलाइन के अनुसार पुरस्कार नहीं मिलने से खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा और प्रमाण पत्र को फाड़कर विरोध जताया।
28 और 29 जनवरी को आयोजित सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता में पहले दिन 350 और दूसरे दिन 450 खिलाड़ी शामिल हुए। जिसमें ग्रामीण अंचल के जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों ने 12 अलग -अलग खेलों में अपनी प्रतिभा और दमखम दिखाया। लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होते ही खिलाड़ियों का उत्साह आक्रोश में बदल गया। कारण यह था कि प्रथम स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को केवल प्रमाण पत्र थमाकर औपचारिकता निभा दी गई, जबकि सरकारी मार्गदर्शिका के अनुसार मोमेंटो और शील्ड देना अनिवार्य है नाराज खिलाड़ियों ने मंच और खेल मैदान में ही प्रमाण पत्र फाड़कर विरोध दर्ज कराया।



खिलाड़ियों का आरोप है कि
विकासखंड स्तर के लिए स्वीकृत तीन लाख रुपये की राशि का सही उपयोग नहीं किया गया।
मामला इतना बढ़ गया कि
खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय बगिया में शिकायत करने की चेतावनी दे डाली।
खिलाड़ीयों ने कहा “हमने मेहनत की है, जीते भी हैं… लेकिन सम्मान के नाम पर सिर्फ कागज दे दिया गया।”जबकि “सरकारी गाइडलाइन में शील्ड और मोमेंटो लिखा हुआ है, फिर पैसा गया कहां?”
“यह खिलाड़ियों के सम्मान के साथ सीधा मजाक है।”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और जनपद सीईओ के प्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।
अब बड़ा सवाल यही है।
क्या सरगुजा ओलंपिक 2026 में खिलाड़ियों के सम्मान के साथ समझौता किया गया?
क्या खिलाड़ियों के लिए स्वीकृत सरकारी राशि का सही उपयोग हुआ?



अब देखना होगा कि
प्रशासन इस मामले में क्या कुछ कार्रवाई करेगा, या फिर ,,, आप खुद ही समझ सकते हैं।




