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बजट सत्र में सरकार का रोडमैप: विकास, सुशासन और जनकल्याण को बताया शीर्ष प्राथमिकता

संसद के बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि आने वाले वर्षों में विकास और सुशासन ही उसकी नीति का मूल आधार रहेंगे। सरकार ने संसद के पटल पर यह स्पष्ट किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर बड़े स्तर पर निवेश जारी रहेगा।
सरकार का कहना है कि मजबूत आधारभूत ढांचा और रोजगार के नए अवसर देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे, वहीं कल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाएंगी।
सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश
सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बिजली और शहरी सुविधाओं के विस्तार को गति देने की बात कही गई है, जिससे औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।


रोजगार और कौशल विकास
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, स्टार्टअप को प्रोत्साहन और स्किल डेवलपमेंट योजनाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
गरीब, किसान, महिला और युवा केंद्रित योजनाएँ
सरकार ने दोहराया कि
गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा
किसानों की आय बढ़ाने की योजनाएँ
महिलाओं के सशक्तिकरण
युवाओं के भविष्य निर्माण
सरकार की नीति का केंद्र बने रहेंगे।

डिजिटल गवर्नेंस, भ्रष्टाचार पर सख्ती और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुशासन का आधार बताया गया।

सरकार का कहना है कि इन नीतियों से देश की आर्थिक रफ्तार तेज होगी, निवेश बढ़ेगा और भारत आत्मनिर्भर व विकसित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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