अकलतरा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लोकार्पण बना सियासी अखाड़ा, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर कांग्रेस का बहिष्कार, मंच से गूंजा “जीवित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अमर रहे” का नारा

अकलतरा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित अटल परिसर लोकार्पण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब कांग्रेस पार्षदों ने जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और प्रोटोकॉल उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए। तहसील कार्यालय के सामने नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण नगर पालिका परिषद अकलतरा द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही विवाद तब खड़ा हो गया, जब मंच पर लगे बैनर में विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कांग्रेस पार्षदों के फोटो व नाम नहीं पाए गए। कांग्रेस पार्षदों ने इसे जनप्रतिनिधियों की खुली अवहेलना बताते हुए आरोप लगाया कि नगरपालिका के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कार्यक्रम का “भाजपाईकरण” कर दिया है।



कांग्रेस पार्षदों ने आमंत्रण पत्र और शिलालेख में भी प्रोटोकॉल का पालन न होने की बात कहते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। नगर पालिका के सीएमओ संजय सिंह ने स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन कांग्रेस पार्षद अपनी मांगों पर अड़े रहे। करीब आधे घंटे तक चले विरोध के बाद तहसीलदार और सीएमओ ने गलती स्वीकार करते हुए बैनर और शिलालेख हटवाए।
इसके बावजूद नाराज कांग्रेस पार्षदों और नगर पालिका उपाध्यक्ष ने कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए स्थल छोड़ दिया।
मामला तब और गंभीर हो गया, जब नारेबाजी के दौरान मंच से ही बीजेपी पदाधिकारियों द्वारा “जीवित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अमर रहे” के नारे लगाए गए, जिस पर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
यह कार्यक्रम अब जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा, प्रोटोकॉल उल्लंघन और राजनीतिक नारेबाजी को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है।




