बढ़ता मोटापा: नई उम्र की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

नई दिल्ली। देश ही नहीं, दुनिया भर में मोटापा तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। बदलती जीवनशैली, जंक फूड की बढ़ती आदत, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बढ़ते तनाव के कारण मोटापे के मरीजों की संख्या पिछले एक दशक में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर समय रहते मोटापा नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत को हृदय रोग, डायबिटीज और हाई बीपी जैसी बीमारियों की एक नई महामारी का सामना करना पड़ सकता है।
● मोटापा क्यों बढ़ रहा है?
मेडिकल रिपोर्ट्स और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वे बताते हैं कि मोटापे के बढ़ने के पीछे ये मुख्य कारण हैं—
ज्यादा कैलोरी वाला खाना, खासकर फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड
शारीरिक गतिविधि में लगातार कमी
लंबे समय तक बैठकर काम करना (Sedentary Lifestyle)
नींद की कमी और तनाव
हार्मोनल बदलाव और अनियमित दिनचर्या
डॉक्टर्स मानते हैं कि आधुनिक जीवनशैली “High calorie intake और low calorie burn” की स्थिति पैदा कर रही है, जिससे वजन तेजी से बढ़ रहा है।
● स्वास्थ्य पर बढ़ते मोटापे का खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापा सिर्फ बाहरी रूप से बढ़ते शरीर का आकार नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत है। इनमें प्रमुख हैं—
डायबिटीज (Type-2 Diabetes)
हृदय रोग और हार्ट अटैक
हाई बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल
फैटी लीवर
कैंसर के कुछ प्रकारों का बढ़ता खतरा
जोड़ों का दर्द और ऑस्टियोआर्थराइटिस
भारत में हर साल होने वाले हार्ट अटैक के मामलों में 35% का सीधा संबंध मोटापे से माना जा रहा है।
● युवाओं में भी बढ़ता खतरा
चौंकाने वाली बात यह है कि मोटापा अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले युवाओं में भी मोटापे की दर तेजी से बढ़ रही है।
डॉक्टर्स इसे “Digital Lifestyle Disorder” की संज्ञा दे रहे हैं।
● कैसे करें मोटापे से बचाव?
हेल्थ विशेषज्ञ इन उपायों को अपनाने पर जोर दे रहे हैं—
रोजाना 30–45 मिनट व्यायाम या तेज चलना
घर का हल्का और संतुलित खाना
पैक्ड, फ्राइड और प्रोसेस्ड चीजों से दूरी
पर्याप्त 6–8 घंटे की नींद
मीठे और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कम
नियमित हेल्थ चेकअप
● सरकार और स्वास्थ्य संगठनों की चेतावनी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने चेतावनी दी है कि यदि मोटापे की यह दर ऐसे ही बढ़ती रही, तो अगले 10 वर्षों में भारत में डायबिटीज और हृदय रोग के मरीज दोगुने हो सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्कूलों और कार्यस्थलों में “Healthy Lifestyle Campaign” शुरू करने की सलाह दी है, ताकि लोगों में जागरूकता लाई जा सके।




