भारत बना सौर महाशक्ति: 129 GW क्षमता के साथ गैर-जीवाश्म ऊर्जा 50% के पार, विश्व के सबसे बड़े ग्रीन ट्रांज़िशन में रफ़्तार

नई दिल्ली | 06 दिसंबर 2025
भारत ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में इतिहास रच दिया है। देश की कुल बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म ऊर्जा का हिस्सा पहली बार 50% से ऊपर पहुंच गया है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका सौर ऊर्जा की है, जिसकी क्षमता 2014 के 3 गीगावॉट से बढ़कर 2025 में 129 गीगावॉट हो चुकी है। यह 40 गुना से अधिक की ऐतिहासिक वृद्धि है, जिसने भारत को दुनिया की अग्रणी सौर अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया है।
सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक गैर-जीवाश्म आधारित बिजली क्षमता 259 गीगावॉट से अधिक हो गई, जिससे भारत का ऊर्जा मिश्रण तेज़ी से स्वच्छ स्रोतों की तरफ बढ़ रहा है।
ISA से लेकर सोलर पार्क तक: वैश्विक मंच पर भारत का दबदबा
गुड़गांव स्थित इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के मुख्यालय का मेजबान होने के नाते भारत अब वैश्विक सौर सहयोग का नेतृत्व कर रहा है।
125 से अधिक सदस्य देशों के साथ भारत—
सोलर टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है,
विकासशील देशों में सोलर इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा है,
और वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक नई दिशा तय कर रहा है।
अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित 8वीं ISA असेंबली में दुनिया के ऊर्जा मंत्री एकजुट हुए और सौर मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की रणनीति पर सहमति बनाई।

40 गीगावॉट क्षमता वाले 55 सोलर पार्क को मंजूरी
31 अक्टूबर 2025 तक केंद्र सरकार ने 13 राज्यों में 55 सौर पार्कों को मंजूरी दी है, जिनकी संयुक्त क्षमता 40 गीगावॉट है। ये पार्क भारत की सौर उत्पादन क्षमता को और मजबूती देंगे।
भारत का ऊर्जा रोडमैप: पंचामृत फ्रेमवर्क से बड़ा लक्ष्य
ग्लासगो COP-26 में घोषित पंचामृत योजना भारत के ऊर्जा क्षेत्र की दिशा तय कर रही है। इसके तहत लक्ष्य हैं—
2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता,
बिजली आपूर्ति का 50% हिस्सा स्वच्छ स्रोतों से,
1 अरब टन कार्बन उत्सर्जन में कमी,
उद्योगों की कार्बन तीव्रता में 45% कमी,
2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य।
ये लक्ष्य भारत को दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन ट्रांज़िशन मॉडल में बदल रहे हैं।
‘सूर्य घर’ मिशन बना गेम-चेंजर: 1 करोड़ घरों तक सौर ऊर्जा
13 फरवरी 2024 से शुरू हुई सूर्य घर योजना ने देश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में रेकार्ड बढ़ोतरी की है।
अब तक 23.9 लाख घरों में रूफटॉप सोलर लग चुका है,
लगभग 7 गीगावॉट स्वच्छ बिजली तैयार हो रही है,
और ₹13,464.6 करोड़ की सब्सिडी रिलीज की जा चुकी है।
सरकार का लक्ष्य है—
1 करोड़ घरों को 300 यूनिट/महीना मुफ़्त सौर बिजली उपलब्ध कराना।
कृषि में क्रांति: PM–KUSUM के तहत 9.2 लाख सौर पंप
PM–KUSUM के ‘भाग-B’ के तहत अब तक 9.2 लाख स्टैंडअलोन सौर पंप लगाए जा चुके हैं।
इससे किसानों—
डीज़ल-पंप पर निर्भरता कम हुई,
लागत घटी,
और खेती में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ा।
भारत का ग्रीन भविष्य तैयार: ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ विकास दोनों में बढ़त
सौर ऊर्जा में यह अभूतपूर्व विस्तार भारत को न सिर्फ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है, बल्कि उसे स्वच्छ विकास और जलवायु नेतृत्व की राह पर भी आगे रख रहा है।
भारत आज दुनिया के उन चुनिंदा देशों में है, जिसने—
नवीकरणीय ऊर्जा को उद्योग का आधार बनाया,
वैश्विक निवेश आकर्षित किया,
और घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसी प्रगति जारी रही, तो 2030 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी सौर अर्थव्यवस्था बन सकता है।




