मार्च में ही झुलसने लगा भारत, बढ़ते तापमान ने बढ़ाया हीटवेव और बीमारियों का खतरा

लोकेशन: भारत
देश में इस साल गर्मी ने तय समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मार्च महीने में ही कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जो आमतौर पर अप्रैल-मई में देखने को मिलता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बढ़ता तापमान और बदलता जलवायु पैटर्न इस असामान्य गर्मी की बड़ी वजह है। आने वाले दिनों में उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तेज गर्मी का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, थकान, सिरदर्द और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा दिल के मरीजों में भी जोखिम बढ़ रहा है, क्योंकि अत्यधिक गर्मी शरीर के ब्लड सर्कुलेशन और हार्ट पर दबाव डालती है।
डॉक्टरों का कहना है कि दिन के समय बाहर निकलने से बचें, ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा धूप में सीधे संपर्क से बचें। वहीं सरकार और स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो आने वाले हफ्तों में यह गर्मी स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।




