भारतीय नौसेना दिवस 2025: समुद्री सुरक्षा के प्रहरी, आत्मनिर्भर भारत की शक्ति

आज 4 दिसंबर को देशभर में भारतीय नौसेना दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन न सिर्फ भारत की समुद्री शक्ति के गौरव का प्रतीक है, बल्कि यह उन सभी नाविकों के साहस और समर्पण को भी नमन करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।
भारतीय नौसेना ने इस विशेष अवसर पर कहा है कि वह आज एक सुसज्जित, अत्याधुनिक और प्रशिक्षित बल के रूप में राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा में पूरी तरह सक्षम है। नौसेना ने स्पष्ट किया कि भारत के आर्थिक विकास में समुद्री मार्गों, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की अहम भूमिका है, और इन सभी की सुरक्षा के लिए नौसेना लगातार सतर्क और सक्रिय है।
नौसेना का कहना है कि वह पूर्व और वर्तमान दोनों ही नाविकों के समर्पण को सलाम करती है, जिन्होंने नौसेना को युद्ध-तैयार, एकजुट और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज भारतीय नौसेना न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मानवता, आपदा राहत और सुरक्षा अभियानों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
नौसेना दिवस केवल एक सैन्य उत्सव नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए भी यह अवसर है कि वे समझें कि देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा कैसे भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूती देती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि एक मजबूत नौसेना एक सुरक्षित और विकसित भारत की बुनियाद है।
आज का दिन हर उस सैनिक के प्रति आभार व्यक्त करने का है, जो समुद्र की अनिश्चित लहरों के बीच अपनी ड्यूटी पर अडिग खड़ा रहता है, ताकि देश चैन की नींद सो सके।




