भारत का आयात बिल बढ़ा, रुपया कमजोर और कच्चा तेल महंगा दबाव में

सोना, कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स के बढ़ते आयात से व्यापार घाटे पर बढ़ता दबाव, रुपये की गिरावट ने बढ़ाई चिंता
भारत का आयात बिल इस साल फिर तेजी से बढ़ा है। रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊँची कीमतों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के भारी आयात ने कुल आयात खर्च पर दबाव डाला है।
विशेष रूप से सोना, कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ते आयात ने व्यापार घाटे में वृद्धि की संभावना बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल और स्थानीय विनिर्माण के प्रयासों के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक सामान पर आयात निर्भरता बनी हुई है।
मुख्य बिंदु:
रुपया कमजोर: डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से आयात महंगा हुआ।
मुख्य कारण: सोना, कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक सामान का बढ़ता आयात।
व्यापार घाटा दबाव: बढ़ती कीमतों और अधिक आयात के कारण व्यापार घाटा प्रभावित।
विशेषज्ञ टिप्पणी:
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आयात संतुलित नहीं हुआ और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा नहीं मिला, तो व्यापार घाटा और आर्थिक दबाव बढ़ सकते हैं।




