अर्थशास्त्र

“भारी मांग से भारत की निजी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत; GDP और बजट में फिस्कल अनुशासन पर जोर”

भारत की अर्थव्यवस्था 2026 की शुरुआत में मजबूत संकेत देती दिख रही है, क्योंकि जनवरी महीने में निजी क्षेत्र की गतिविधियों में स्पष्ट सुधार दर्ज किया गया है। HSBC और S&P Global के ताज़ा डेटा के अनुसार फैशिलिटी इंडेक्स (PMI) 59.5 तक पहुंच गया है, जो संकेत देता है कि उत्पादन और सेवा दोनों क्षेत्रों में मांग में वृद्धि हो रही है, जिससे कारोबार में नई आर्डर्स में उछाल आया है। निर्यात आदेश भी चार महीने के उच्च स्तर पर पहुँचे, वहीं रोजगार में भी सकारात्मक रुझान देखा गया है — यह सभी संकेत आर्थिक वृद्धि और भरोसे को दर्शाते हैं।


सरकार के आगामी 1 फरवरी बजट के बारे में सभी अर्थशास्त्रियों की राय एक समान है — यह बजट फिस्कल अनुशासन (Fiscal Consolidation) को प्राथमिकता देगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आर्थिक वृद्धि को संतुलित करते हुए घटते राजकोषीय घाटे और उधार को नियंत्रण में रखा जाएगा, जिससे देश की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रहेगी।
इसी के साथ **महाराष्ट्र सरकार ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम (WEF) 2026 में मुंबई के बाँद्रा–कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में दुनिया का पहला AI ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब स्थापित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारत में तकनीक और नवाचार के क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

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