भारत का व्यापार घाटा घटा, लेकिन वैश्विक हालात से बढ़ी चिंता

भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। फरवरी 2026 में देश का व्यापार घाटा घटकर लगभग 27.1 अरब डॉलर रह गया है, जो पिछले महीने की तुलना में कम है। इस दौरान आयात में कमी और निर्यात में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जिससे व्यापार संतुलन में सुधार देखने को मिला है।विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है,

क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा तेल और गैस आयात पर निर्भर है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर सप्लाई बाधित होने की स्थिति में कीमतों में उछाल आ सकता है।भारत का एक बड़ा व्यापारिक हिस्सा मध्य-पूर्व देशों से जुड़ा हुआ है। यदि वहां हालात बिगड़ते हैं तो इसका सीधा असर आयात-निर्यात और महंगाई पर पड़ सकता है।सरकार इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्यात को बढ़ावा देने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।यह स्थिति फिलहाल संतुलित दिखाई दे रही है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता के कारण आने वाले समय में आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।




