आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की अनियमितता

ग्राम पंचायत सिंगरौली अन्तर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र मौहारपारा सिंगरौली की कार्यकर्ता के द्वारा अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के जिला अध्यक्ष हैं और केन्द्र से करीब 10 से 15 किमी दूर जनकपुर में निवास करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी कर रही हैं।
शासन की विभागीय निर्देशानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को उसी ग्राम के निवासी होने पर कार्य का निर्वहन किया जाना है, लेकिन 12 से 15 किमी दूर रहकर कार्यकर्ता का कार्य कर रही हैं। यह शासन के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।


ग्राम सिंगरौली के ग्रामवासियों और ग्राम पंचायत के सरपंच व पूर्व सरपंच के पति ने आरोप लगाया है माह में 10 से 15 दिन ही ड्यूटी की जाती है। यह आरोप गंभीर है और इसकी जांच होना आवश्यक है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के जिला अध्यक्ष हैं और उनके द्वारा अपने पद का रौब दिखाकर अनियमितता बरती जा रही है। यह स्थिति चिंताजनक है और इसके लिए जिम्मेदारअधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए।
सीताराम ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीच-बीच में आती हैं, महीने में लगभग 10-15 दिन तो जरूर आती हैं।
शिवकुमार ने बताया कि उनका इस तरफ खेत है और आंगनबाड़ी हमेशा बंद मिलती है। उन्हें समझ नहीं आता कि क्यों बंद है और क्यों नहीं खोलते? वे सोचते हैं कि अपने मन का करते हैं, कोई कुछ नहीं कर सकता।
पूर्व सरपंच जगन्नाथ के द्वारा बताया गया कि उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र बंद है और कार्यकर्ता कभी-कभी आती है। यह स्थिति वाकई चिंताजनक है
सरपंच पति शिवलाल ने बताया कि ग्रामपंचायत सिंगरौली के मौहारपर में आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लगा है, जो गलत है। कार्यकर्ता और सहायिका नहीं होने से बच्चों को पोषक आहार नहीं मिल रहा। आंगनबाड़ी बंद नहीं होनी चाहिए। इसकी शिकायत वे परियोजना कार्यालय में करेंगे।
अपर कलेक्टर विनायक शर्मा ने ग्राम पंचायत सिंगरौली के आंगनबाड़ी केंद्र के समय पर नहीं खुलने और बंद होने की सूचना मिलने पर कार्रवाई की है। उन्होंने महिला बाल विकास अधिकारी को जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।




