क्या दूसरा इंदौर बनने की ओर बढ़ रहा अकलतरा? नाली में बिछी पेयजल पाइपलाइन से गंदा पानी घरों तक पहुंचने का खतरा

रिपोर्टर -ब्यूरो रिपोर्ट/लोकेशन -अकलतरा, जांजगीर-चांपा
अकलतरा शहर के वार्ड क्रमांक 08 में पेयजल पाइपलाइन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां नगरपालिका की ओर से बिछाई गई पीने के पानी की पाइपलाइन सीधे नालियों के अंदर से गुजारी गई है, जिससे वार्डवासियों के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।


स्थानीय लोगों के अनुसार जिस पाइपलाइन से घरों तक पीने का पानी पहुंचता है, वह कई जगह से फट चुकी है। पाइप के रिसाव को रोकने के लिए उसे अस्थायी रूप से कपड़ों के सहारे बांध दिया गया है। ऐसे में यदि गलती से भी ये कपड़े हट जाएं या खुल जाएं, तो नाली का गंदा पानी सीधे पाइपलाइन में मिलकर घरों तक पहुंच सकता है।
नगरवासियों का कहना है कि यह स्थिति बेहद खतरनाक है और इससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। दूषित पानी के सेवन से उल्टी-दस्त और टाइफाइड जैसी बीमारियां फैलने की आशंका है। वहीं वार्ड की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण उनमें गंदगी और कीड़े-मकोड़े बड़ी मात्रा में जमा हैं। इसी गंदगी के बीच से पेयजल पाइपलाइन गुजर रही है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो अकलतरा में भी वही स्थिति बन सकती है जो जनवरी 2026 में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में देखने को मिली थी, जहां नलों में गंदा पानी आने से जलसंकट और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया था।
नगरवासियों का कहना है कि नगरपालिका प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण यह समस्या बनी हुई है। उनका आरोप है कि पहले भी नगरपालिका पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं और अब मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को सही तरीके से नहीं मिल पा रही हैं।
गौरतलब है कि नगरपालिका और शहरी निकायों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए स्पष्ट सरकारी दिशा-निर्देश और तकनीकी मानक निर्धारित होते हैं। इन मानकों के अनुसार पेयजल पाइपलाइन को नालियों के अंदर बिछाना पूरी तरह से गलत और नियमों के विरुद्ध है।
वार्डवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से इस समस्या का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि शहर में किसी बड़े स्वास्थ्य संकट की स्थिति पैदा न हो।




