जांजगीर-चांपा

जांजगीर पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में दबोचा, कूटरचना कर 2.5 लाख की ठगी का मामला उजागर

जांजगीर-चांपा
जिले में जमीन धोखाधड़ी के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में जमीन घोटाले, ठगी और कूटरचना जैसे अपराधों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मामला क्या है?

जांजगीर शहर में जमीन बिक्री के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। आरोपी सुनील सिंह (39 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 06, अनंत बिहार कॉलोनी, जांजगीर, ने चतुराई से दूसरे व्यक्ति की जमीन पर गलत चौहद्दी तैयार कर उसे अपनी बताकर बेच दिया था।

आरोपी ने इसी फर्जीवाड़े के जरिए प्रार्थी रजत सुल्तानिया से 2 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए।

शिकायत मिलते ही पुलिस एक्शन में

21 नवंबर को शिकायत दर्ज होते ही थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 1032/25 पंजीबद्ध किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय (IPS) ने त्वरित और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप और थाना जांजगीर पुलिस ने तुरंत रणनीति बनाई और घेराबंदी शुरू की।

कुछ घंटों में घेराबंदी—आरोपी गिरफ्तार

थाना प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पांडेय और टीम ने आरोपी की सकुनत पर दबिश दी।
कुछ ही घंटों की सटीक प्लानिंग और तेजी से की गई घेराबंदी के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर कूटरचना की, फर्जी विक्रय पत्र तैयार किया और 2.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।

कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई

जांजगीर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2) के तहत कार्रवाई की है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की विशेष भूमिका

इस कार्रवाई में—

थाना प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पांडेय,

प्रधान आरक्षक आलोक शर्मा
की भूमिका सराहनीय रही।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जिले में कूटरचना, जमीन ठगी और आर्थिक अपराधों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति जारी है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button