छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में जांजगीर की संस्था को राज्य पुरस्कार — कुष्ठ सेवा से लेकर गो संरक्षण तक रचा इतिहास

राज्य स्तरीय अति यतन लाल पुरस्कार से सम्मानित हुआ भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, कात्रेनगर सोंठी
जांजगीर-चांपा, 06 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में जांजगीर-चांपा जिले का नाम एक बार फिर गर्व से गूंजा। जिले की प्रतिष्ठित समाजसेवी संस्था भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, कात्रेनगर सोंठी को अहिंसा और गौ रक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य स्तरीय अति यतन लाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान संस्था की दशकों पुरानी सेवा परंपरा और मानवीय संवेदना का प्रतीक माना जा रहा है।
1962 से निरंतर जल रहा है मानवता का दीप
भारतीय कुष्ठ निवारक संघ की स्थापना वर्ष 1962 में कुष्ठ रोगियों की सेवा और पुनर्वास के उद्देश्य से की गई थी। उस दौर में, जब समाज में कुष्ठ रोग को अभिशाप और रोगियों को अछूत समझा जाता था, तब इस संस्था ने उनके लिए करुणा और समानता का दीप जलाया।
संस्था आज भी उसी भावना से कार्यरत है — यहाँ दर्जनों कुष्ठ रोगियों को न केवल इलाज और आश्रय प्रदान किया जाता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, बुनाई, बढ़ईगिरी और कृषि जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है।
इन कार्यों के माध्यम से संस्था यह संदेश देती है कि सेवा केवल दान नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान का मार्ग भी है।


गो सेवा बनी मानवीय संवेदना की मिसाल
संस्था ने 1980 के दशक में एक नई दिशा में कदम बढ़ाते हुए गो सेवा की शुरुआत की। पहले केवल कुछ गायों से शुरू हुई यह पहल आज 173 गोवंशों की देखभाल तक पहुँच गई है। यहाँ बीमार, परित्यक्त और दुर्घटनाग्रस्त गायों को आश्रय दिया जाता है।
विशेष बात यह है कि इन गायों की सेवा वही कुष्ठ रोगी करते हैं जिन्हें समाज ने कभी अपनाया नहीं था। आज वही लोग न केवल इन असहाय पशुओं की देखभाल कर रहे हैं, बल्कि अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।
संस्था के संचालकों का कहना है कि —
“गो सेवा हमारे लिए धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि मानवीय दायित्व है। यह सेवा हमें करुणा और समानता का सच्चा अर्थ समझाती है।”
राज्य सरकार ने किया कार्य का सम्मान
राज्य सरकार द्वारा भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, कात्रेनगर सोंठी को अहिंसा और गौ रक्षा के क्षेत्र में राज्य स्तरीय अति यतन लाल पुरस्कार से नवाजा जाना, जिले और संस्था दोनों के लिए गौरव की बात है।
यह पुरस्कार उन सभी कार्यकर्ताओं और सदस्यों की वर्षों की तपस्या, त्याग और समर्पण का सम्मान है, जिन्होंने समाजसेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया।


मानवता की मिसाल, जिले का गौरव
संस्था ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया है कि सेवा और करुणा के मार्ग पर चलकर भी समाज में अमिट पहचान बनाई जा सकती है।
राज्य सरकार द्वारा मिला यह सम्मान न केवल संस्था की उपलब्धि है, बल्कि पूरे जांजगीर-चांपा जिले का सम्मान है।
भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, कात्रेनगर सोंठी ने पिछले छह दशकों में यह दिखाया है कि मानवता की सेवा किसी पुरस्कार की नहीं, बल्कि संकल्प की मांग करती है।
अहिंसा और गो सेवा की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी — कि सेवा केवल किसी को जीवन देने का कार्य नहीं, बल्कि अपने भीतर के मनुष्य को जगाने की प्रक्रिया है।




