कृषि पखवाड़ा बना नवाचार का मंच — किसानों को फसल विविधीकरण और तकनीकी खेती की दी जा रही सीख

स्थान: सक्ती, छत्तीसगढ़
दिनांक: 10 नवम्बर 2025
सक्ती जिले में किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण की दिशा में प्रेरित करने के लिए कृषि विभाग ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। “कृषि पखवाड़ा” के माध्यम से किसानों को दलहन, तिलहन और रबी फसलों की वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जा रही है।
कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिले के सभी विकासखण्डों के ग्राम पंचायतों में 1 नवंबर से 18 नवंबर तक “कृषि पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण, नई तकनीक, और आत्मनिर्भर खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस अभियान के तहत मसनिया कला, जेठा, बाराद्वार बस्ती, गोबरा, चंद्रपुर, कांशीडीह, बड़े सीपत, देवगांव, बोड़ासागर, लोहराकोट, हसौद, रायपुरा, चिस्दा, धिवरा सहित कई ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे ग्रीष्मकालीन धान की जगह दलहन और तिलहन फसलों को प्राथमिकता दें, ताकि जल की बचत के साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहे।
साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरक के संतुलित उपयोग और सिंचित नमी के बेहतर प्रबंधन की जानकारी भी दी गई।


कृषि पखवाड़ा के दौरान किसानों को न केवल तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, बल्कि योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लंबित ई-केवाईसी, भूमि विवरण, आधार सीडिंग का कार्य वहीं स्थल पर किया जा रहा है।
एग्रीस्टेक पंजीयन से वंचित किसानों का पंजीयन भी शिविरों के माध्यम से कराया जा रहा है।
किसानों को कृषि क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत अल्पकालीन फसल ऋण लेने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
इस आयोजन में रबी फसल की तैयारी, बीज उत्पादन कार्यक्रम, और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे किसान उन्नत बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकें।
कृषि विभाग का यह प्रयास ग्रामीण अंचलों में किसानों को जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलें न सिर्फ फसल उत्पादन को बढ़ाएंगी, बल्कि खेती को टिकाऊ और लाभकारी भी बनाएंगी।




