कुदुरमाल पुल अत्यंत जर्जर घोषित, हसदेव नदी पार आवागमन पूरी तरह बंद

कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में हसदेव नदी पर बने पुराने कुदुरमाल पुल को प्रशासन ने खतरनाक स्थिति में पाते हुए पूरी तरह बंद कर दिया है। हाल ही में किए गए तकनीकी निरीक्षण में पुल की संरचना को अत्यंत जर्जर और किसी भी समय ढहने लायक पाया गया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी प्रकार के वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया। लगभग 50 वर्ष पुराने इस पुल पर वर्षों से भारी वाहनों का दबाव बना हुआ था, जिससे इसकी नींव और गर्डर कमजोर हो गए थे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार समय रहते पुल की वास्तविक स्थिति सामने आने से एक बड़ा हादसा टल गया।
आवागमन रोकने के बाद पुल के दोनों छोर पर बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति या वाहन गलती से इस मार्ग पर न पहुंच सके। प्रशासन ने पुल बंद होने की जानकारी उरगा थाना, आसपास की चौकियों और पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा को भी भेज दी है। पुल की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम लगभग तीन महीने या उससे अधिक समय तक चलेगा। इस अवधि में यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना होगा। हल्के वाहनों के लिए कोरबा से अलग रूट निर्धारित किया गया है, जबकि भारी वाहनों को दर्री, ध्यानचंद चौक, रिंग रोड और बालको मार्ग से उरगा की ओर भेजा जा रहा है।
पुल बंद होने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को असुविधा होने की आशंका है, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अधिकांश लोग प्रशासन के निर्णय का समर्थन कर रहे हैं। प्रशासन लगातार सूचना पैनल और दिशा-निर्देश जारी कर ग्रामीणों व यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दे रहा है। तकनीकी टीम ने पुल की गंभीर हालत को देखते हुए जल्द से जल्द मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की सिफारिश की है।




