
रिपोर्टर – सुरेन्द्र साहू / लोकेशन – रामानुजनगर, जिला सूरजपुर
डीलिस्टिंग की मांग को लेकर देशभर में एक बार फिर बड़ा आंदोलन खड़ा होने जा रहा है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के रामानुजनगर में जनजातीय सुरक्षा मंच के बैनर तले एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
रामानुजनगर के सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यशाला में जनजातीय समाज के लोगों को 24 मई को दिल्ली में प्रस्तावित महागर्जना रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया। बताया जा रहा है कि इस रैली में देशभर से करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने की तैयारी की जा रही है।



कार्यशाला में यह भी निर्णय लिया गया कि विकासखंड के सभी गांवों में ग्राम समितियों का गठन किया जाएगा और दिल्ली रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाकर पंजीयन कराया जाएगा।
जनजातीय समाज का कहना है कि आदिवासियों को मिलने वाले आरक्षण का लाभ ऐसे लोग भी ले रहे हैं जिन्होंने आदिवासी परंपरा छोड़कर दूसरे धर्म अपना लिए हैं। समाज की मांग है कि ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर आरक्षण की सूची से बाहर किया जाए, जिसे डीलिस्टिंग कहा जा रहा है।


इस विषय पर जनजातीय सुरक्षा मंच के जिला संयोजक संत सिंह और जिला संगठन मंत्री गोपाल जी ने बताया कि “जो नहीं भोलेनाथ का, वो नहीं हमारी जात का” जैसे नारों के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रस्ताव पारित कराए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर डीलिस्टिंग की मांग की जा रही है। देशभर से करीब एक करोड़ पोस्टकार्ड भेजने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक लगभग पांच लाख पोस्टकार्ड भेजे जा चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन कर धर्मांतरण कर चुके आदिवासियों को आरक्षण की सूची से बाहर किया जाना चाहिए।




