जांजगीर में लोकसंस्कृति का महाकुंभ: जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक मेला 11 से, तीन दिन चलेगा उत्सव

ब्यूरो रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिला एक बार फिर लोकसंस्कृति, साहित्य और कृषि नवाचार के रंग में रंगने जा रहा है। जिले में जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का भव्य शुभारंभ 11 फरवरी को हाई स्कूल मैदान, जांजगीर में होगा। यह तीन दिवसीय आयोजन 11 से 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें हर दिन दोपहर से देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला देखने को मिलेगी।
महोत्सव का उद्देश्य जिले की समृद्ध लोकपरंपरा को मंच देना, नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ना और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से रूबरू कराना है। कार्यक्रम में जिले के स्कूली छात्र-छात्राएं, स्थानीय लोक कलाकार और बाहर से आमंत्रित ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।



सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शेड्यूल
11 फरवरी की रात: छत्तीसगढ़ी लोकगायक दिलीप षडंगी अपनी लोकप्रिय लोकधुनों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगे।
12 फरवरी: दिन में एग्रीटेक कृषि मेला, वहीं शाम को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि काव्यपाठ करेंगे।
13 फरवरी की रात: छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोकगायिका आरु साहू और प्रसिद्ध गायिका इशिता विश्वकर्मा अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से महोत्सव का समापन करेंगी।
कृषि और नवाचार पर विशेष फोकस
एग्रीटेक कृषि मेले में आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत बीज, जैविक खेती, सिंचाई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इससे किसानों को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ विशेषज्ञों से सीधा संवाद करने का अवसर मिलेगा।
गरिमामयी उपस्थिति
महोत्सव में माननीय नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद कमलेश जांगड़े सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह महोत्सव जांजगीर-चांपा की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ साहित्य और कृषि के क्षेत्र में जिले की संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।




