प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से मायारानी कसेर बनीं ऊर्जा आत्मनिर्भर—हर महीने का बिजली बिल हुआ शून्य

सफलता की कहानी – प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना
स्थान: सक्ती | दिनांक: 14 नवम्बर 2025
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। यह योजना न केवल लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा रही है, बल्कि देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है।
इसी क्रम में सक्ती नगर की निवासी श्रीमती मायारानी कसेर इस योजना की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी हैं। श्रीमती कसेर ने सितंबर 2025 में अपने मकान की छत पर 3 किलोवाट की रूफटॉप सोलर प्रणाली स्थापित कर अपने घर को पूरी तरह सौर ऊर्जा से जोड़ लिया है।
लाभ जो बदले मायारानी कसेर की जिंदगी
श्रीमती कसेर बताती हैं कि उनके 3KW के सोलर पैनल सिस्टम से प्रतिदिन 10 से 12 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
इससे घर की पूरी बिजली जरूरतें पूरी हो जाती हैं।
पहले जहाँ हर महीने ₹1000–1500 तक बिजली बिल देना पड़ता था, अब बिल पूरी तरह शून्य है।
उन्होंने यह प्रणाली बैंक लोन के माध्यम से लगवाई है।
केंद्र सरकार से उन्हें ₹78,000 की सब्सिडी मिल चुकी है।
राज्य सरकार से ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी स्वीकृति प्रक्रिया में है।
श्रीमती कसेर कहती हैं—
“इतनी बड़ी सहायता से अब आम आदमी भी अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर लंबे समय तक मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकता है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
योजना के तहत कितनी सब्सिडी?
इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर attractive सब्सिडी दी जाती है—
1 किलोवाट: केंद्र – ₹30,000 | राज्य – ₹15,000
2 किलोवाट: केंद्र – ₹60,000 | राज्य – ₹30,000
3 किलोवाट: केंद्र – ₹78,000 | राज्य – ₹30,000

योजना का उद्देश्य है—
हर घर को रोशन बनाना
परिवारों के बिजली खर्च को कम करना
अतिरिक्त बिजली उत्पादन को आय का स्रोत बनाना
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना
कैसे करें पंजीयन?
उपभोक्ता अपने घर की छत पर सौर सिस्टम लगाने हेतु इन माध्यमों से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं—
आधिकारिक पोर्टल: pmsuryaghar.gov.in
पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप
CSPDCL वेबसाइट
टोल फ्री नंबर 1912
योजना क्यों है खास?
लंबे समय तक मुफ्त या कम लागत वाली बिजली
कार्बन उत्सर्जन में कमी
घर-घर ऊर्जा सुरक्षा
कृषि व घरेलू उपयोग के लिए स्थायी समाधान
अंत में, मायारानी कसेर की यह सफलता कहानी साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकता है और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा सकता है।




