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सक्ती में धान का महाघोटाला, 66 हजार क्विंटल धान गायब, सरकार को 25 करोड़ का नुकसान

लोकेशन सक्ती

रिपोर्टर लाला उपाध्याय

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सामने आया है अब तक का सबसे बड़ा धान घोटाला…
जहां सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज धान, ज़मीनी हकीकत में गायब मिला…
सवाल ये है कि धान को सिस्टम खा गया या फिर बिचौलियों ने मिलकर सरकारी खजाने में सेंध लगा दी…
करीब 25 करोड़ रुपए के इस महाघोटाले ने प्रशासन और डीएमओ की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं…

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पोल खोल देने वाला एक बड़ा घोटाला सामने आया है।
जिले के तीन धान संग्रहण केंद्रों से करीब 66 हजार 680 क्विंटल धान रहस्यमय तरीके से गायब पाया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 21 से 25 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
जिले में सक्ती, डभरा और बोड़ासागर — कुल तीन संग्रहण केंद्र संचालित हैं।
सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक इन केंद्रों में 1 लाख 70 हजार 743 मैट्रिक टन धान का संग्रहण किया गया था।
लेकिन जब धान का उठाव पूरा हुआ, तो जांच में 66,680 क्विंटल धान कम पाया गया।
सबसे बड़ा घोटाला बोड़ासागर संग्रहण केंद्र में सामने आया है,
जहां 27,050 क्विंटल धान, जिसकी कीमत 8 करोड़ रुपए से अधिक है, वह पूरी तरह गायब है।


अब सवाल यह उठ रहा है कि—
क्या धान कागजों में उठ गया और ज़मीन पर कभी था ही नहीं?
या फिर बिचौलियों और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धान को ठिकाने लगा दिया गया?
इस पूरे मामले में जिला विपणन अधिकारी (DMO) की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अगर समय रहते जांच और निगरानी होती, तो इतना बड़ा घोटाला कैसे संभव हो सकता था?
फिलहाल मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
अब देखना यह होगा कि क्या इस महाघोटाले में शामिल जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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