अंडरब्रिज नहीं, ओवरब्रिज चाहिए: जलभराव के डर से लामबंद हुए बालपुर के ग्रामीण, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा:
जिले के विकासखंड बलौदा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बालपुर के ग्रामीणों ने आज बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। ग्रामीणों का विरोध रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ‘भूमिगत पुल’ (अंडरब्रिज) को लेकर है।



ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अंडरब्रिज बनाया गया, तो यह क्षेत्र के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत बन जाएगा।
क्या है मुख्य समस्या?
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए पत्र के अनुसार, बालपुर मुख्य मार्ग पर रेलवे फाटक के पास प्रशासन द्वारा भूमिगत पुल (अंडरब्रिज) बनाने की योजना है। ग्रामीणों ने इसके विरोध में निम्नलिखित तर्क दिए हैं:
जलभराव की समस्या: ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के गांवों (रोहदा, सिवनी आदि) में पहले से बने अंडरब्रिज बारिश के मौसम में टापू बन जाते हैं। वहां पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है।



निकासी का अभाव: जिस स्थान पर पुल प्रस्तावित है, वह पानी की निकासी का मुख्य मार्ग है। अंडरब्रिज बनने से वहां जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
बुनियादी सुविधाओं पर असर: जलभराव होने पर ग्रामीणों को चिकित्सा, शिक्षा और रोजगार के लिए शहर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मांग: फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) का हो निर्माण
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्टर से पुरजोर मांग की है कि भूमिगत पुल की योजना को तत्काल निरस्त किया जाए और उसके स्थान पर फ्लाईओवर (ऊपरगामी पुल) की स्वीकृति दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने से ही क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा और आवागमन बारहमासी सुगम बना रहेगा।
”हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा निर्माण किस काम का जो बारिश के चार महीने हमारा संपर्क ही दुनिया से काट दे? हमें अंडरब्रिज नहीं, ओवरब्रिज चाहिए!
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