लौह पुरुष की जयंती पर एकता का संदेश — सक्ती में यूनिटी मार्च पदयात्रा का भव्य आयोजन

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर सक्ती में निकली यूनिटी मार्च पदयात्रा — सांसद, कलेक्टर और हजारों नागरिकों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर सक्ती जिले में राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश देने “यूनिटी मार्च पदयात्रा” का भव्य आयोजन किया गया। तुर्रीधाम से अचानकपुर, असौंदा और डोडकी होते हुए यह पदयात्रा सामुदायिक भवन सक्ती तक पहुंची। देशभक्ति के नारों और जयघोषों से पूरा माहौल गूंज उठा।
भारत सरकार के “यूनिटी मार्च” अभियान के तहत रविवार को सक्ती जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती का आयोजन उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में किया गया। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में पदयात्रा की शुरुआत पवित्र स्थल तुर्रीधाम से हुई। शुभारंभ अवसर पर सांसद, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधि और अधिकारीगणों ने भगवान शिव और बुढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्वलित किया।
इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने “राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्र सुरक्षा” की शपथ ली। पदयात्रा में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रोपती कीर्तन चंद्रा, उपाध्यक्ष कमल किशोर पटेल, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएँ और नागरिकों की भारी उपस्थिति रही।
सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा
“सरदार वल्लभभाई पटेल ने पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया। उनकी एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना हमें आज भी प्रेरित करती है। यह यूनिटी मार्च हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।”
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा
“यह आयोजन केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि अनुशासन, देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त करने का प्रतीक है।”
यात्रा के दौरान डड़ाई चौक, अचानकपुर, असौंदा और सक्ती नगर में स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लोगों को “अनेकता में एकता” का संदेश दिया। छात्राओं के आकर्षक नृत्य और नाट्य प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया।
पूरे मार्ग में देशभक्ति गीतों, नारों और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के जयघोष गूंजते रहे। सामुदायिक भवन सक्ती में पदयात्रा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर एकता, भाईचारे और देशभक्ति का जीवंत संदेश जिलेभर में गूंज उठा।




