गलतफहमी बनी हिंसा की वजह — वन विभाग की कार्रवाई के दौरान हमला, गांव में तनाव

बलरामपुर
जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम कलिकापुर में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़ा बवाल हो गया। वन विभाग की टीम के पहुंचते ही गांव में तनाव फैल गया, और इसी बीच एक ग्रामीण ने हमला कर दिया। डंडे से की गई इस पिटाई में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।
गुरुवार को रामानुजगंज रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्राम कलिकापुर में वन विभाग की टीम वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। विभाग को जानकारी मिली थी कि गांव के ही रूप लाल यादव ने वन भूमि पर मढ़ई (झोपड़ी) बना रखी है। टीम ने मौके पर पहुंचकर उस अतिक्रमण को हटाया और आगे की जांच के लिए गांव के ग्रामीणों — अनिल यादव, रूप लाल यादव, रामलाल यादव और सुशील यादव — को अपने साथ लेकर वन क्षेत्र की ओर गई।


टीम ग्रामीणों की मौजूदगी में मुनारा (सीमा चिन्ह) दिखा रही थी, तभी गांव के ही दरोगा यादव को यह गलतफहमी हो गई कि उन्हीं ग्रामीणों की शिकायत पर उसके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। आवेश में आकर दरोगा यादव ने मौके पर ही डंडे से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से ग्रामीणों में भगदड़ मच गई।
हमले में अनिल यादव, रूप लाल यादव, रामलाल यादव और सुशील यादव घायल हो गए। इनमें रूप लाल और अनिल यादव को सिर में गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पहले 100 बिस्तर अस्पताल रामानुजगंज ले जाया गया और बाद में हालत गंभीर होने पर जिला चिकित्सालय बलरामपुर रेफर किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि हमला करने के बाद आरोपी दरोगा यादव खेतों के रास्ते भागकर अपने घर में छिप गया। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने घर का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन वह भीतर से बंद रहा। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
इस घटना से गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वन भूमि से जुड़ी कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम न होने से यह घटना हुई।




