कुलीपोटा में बना आधुनिक पंचायत भवन — ग्रामीण विकास और जनभागीदारी का नया केंद्र

जांजगीर-चांपा, 19 नवम्बर 2025
जनपद पंचायत बलौदा के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत कुलीपोटा अब ग्रामीण विकास की एक नई पहचान बन गया है। वर्षों से जर्जर और उपयोग लायक न रह चुके पुराने पंचायत भवन की जगह अब एक आकर्षक, सुदृढ़ और आधुनिक पंचायत भवन का निर्माण किया गया है, जिसने गांव की प्रशासनिक व्यवस्था और जनभागीदारी को नई दिशा दी है।
ग्राम पंचायत कुलीपोटा का क्षेत्रफल लगभग 250 हेक्टेयर है और करीब 2200 की आबादी यहां निवास करती है। पंचायत में 9 महिला और 9 पुरुष पंच निर्वाचित हैं। पिछले 15 वर्षों से पंचायत भवन की स्थिति बेहद खराब थी, जिससे ग्राम सभा से लेकर प्रशासनिक बैठकें अन्य स्थानों पर आयोजित करनी पड़ती थीं। इससे न केवल ग्रामीणों को असुविधा होती थी, बल्कि पंचायत कार्यों में व्यवस्थितता और पारदर्शिता भी प्रभावित होती थी।

ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों ने महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से नया पंचायत भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। निर्माण कार्य को मनरेगा, गौण खनिज मद और 15वें वित्त आयोग की राशि के अभिसरण से पूरा किया गया।
मनरेगा से: 10 लाख रुपये
गौण खनिज से: 5.79 लाख रुपये
15वें वित्त आयोग से: 2.51 लाख रुपये
कुल 18.30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद 5 नवम्बर 2024 से निर्माण कार्य शुरू किया गया। शुरुआत में मिस्त्रियों की उपलब्धता एक चुनौती थी, लेकिन पंचायत स्तर पर समन्वय स्थापित कर तीन मिस्त्रियों की व्यवस्था की गई और कार्य समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया गया।
तकनीकी सहायक द्वारा ले-आउट प्रदान करने के बाद मनरेगा श्रमिकों और मिस्त्रियों की संयुक्त मेहनत से भवन निर्माण तेजी से पूरा हुआ। निर्माण प्रक्रिया में 784 मानव दिवस सृजित हुए और 18 मनरेगा श्रमिक परिवारों को सीधा रोजगार मिला।
नया पंचायत भवन बनने से गांव में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
सरपंच ने बताया कि पहले जर्जर भवन के कारण ग्राम सभा, बैठकें, मनरेगा समीक्षा, ई-केवाईसी जैसे कार्य अलग-अलग स्थानों पर करने पड़ते थे, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी होती थी। अब नया भवन एकल प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है, जहां सभी गतिविधियां सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित हो रही हैं।
ग्रामवासियों के अनुसार, यह भवन केवल एक प्रशासनिक ढांचा नहीं, बल्कि ग्राम विकास, पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी का प्रतीक बन गया है। जब भी ग्राम सभा या पंचायत बैठक होती है, तो ग्रामीणों में गर्व का भाव दिखता है कि यह भवन उनके सामूहिक प्रयासों और श्रम का परिणाम है।
कुलीपोटा का नया पंचायत भवन अब गांव के लिए प्रेरक मॉडल बन चुका है, जो विकास, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक एकजुटता की मिसाल पेश करता है।




