1 करोड़ का मोस्ट वॉन्टेड हिड़मा ढेर

शहीद रुद्र प्रताप सिंह, शहीद दीपक भारद्वाज समेत अनेक वीरों का बदला पूरा
देश की सुरक्षा एजेंसियों को आज एक बड़ी सफलता मिली है। भारतीय सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के सबसे बड़े और सबसे खूंखार कमांडर माडवी हिड़मा को उसकी पत्नी सहित मार गिराया है। हिड़मा पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था।
इस एनकाउंटर को शहीद रुद्र प्रताप सिंह, शहीद दीपक भारद्वाज और हमारे अनेक शहीद साथी भाईयों के बलिदान का प्रतिशोध माना जा रहा है। शहीदों के परिवारों और पूरे देश के लिए यह एक बड़ी राहत और गर्व का क्षण है।
कैसे ढेर हुआ खूंखार नक्सली हिड़मा?
मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के मारेदुमिली जंगल क्षेत्र में पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस ने हिड़मा, उसकी पत्नी और चार अन्य माओवादियों को मार गिराया।
मुठभेड़ सुबह 6.30 से 7.00 बजे के बीच चली। यह ऑपरेशन दक्षिण बस्तर कोऑर्डिनेशन टीम और आंध्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई थी।
हिड़मा कौन था?
नाम: माडवी हिड़मा (उर्फ हिदमाल्लु / संतोष)
पद: दक्षिण बस्तर बटालियन का टॉप कमांडर
उम्र: नक्सली संगठन से जुड़ने के समय 17 वर्ष (1996)
इनाम: 1 करोड़ रुपये
पहचान: सबसे खूंखार, बेरहम और चतुर नक्सली कमांडर
हिड़मा न केवल नक्सली हमलों का मुख्य चेहरा था, बल्कि ग्रामीणों और जवानों की हत्या की लंबी सूची का जिम्मेदार था।
वे बड़े हमले जिनका मास्टरमाइंड था हिड़मा
2010 – दंतेवाड़ा हमला
76 CRPF जवान शहीद
नक्सलियों का सबसे घातक हमला
2013 – झीरम घाटी नरसंहार
27 लोग मारे गए
कांग्रेस के शीर्ष नेता भी शामिल
देश को हिला देने वाला हमला
2021 – सुकमा–बीजापुर मुठभेड़
22 सुरक्षा जवान शहीद
हिड़मा की प्लानिंग और नेतृत्व में अंजाम दिया गया
इन घटनाओं ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया था।
शहीदों का बदला — सुरक्षा बलों का संकल्प पूरा
सुरक्षा एजेंसियों ने साफ कहा है कि हिड़मा का अंत नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में टर्निंग पॉइंट साबित होगा।
यह कार्रवाई उन सभी शहीद जवानों की याद में समर्पित है, जिन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद रुद्र प्रताप सिंह
शहीद दीपक भारद्वाज
और अनेक वीर साथी, जिनकी शहादत आखिरकार सफल हुई।




