ममता बनर्जी पर सांसद बृजमोहन का वार: कहा– देशहित से नहीं, सत्ता की राजनीति से मतलब; छत्तीसगढ़ की जमीन गाइडलाइन पर भी जताई गहरी चिंता

ग्वालियर पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में जमीनों की बढ़ाई गई गाइडलाइन, संसद में विपक्ष के रवैये, SIR विवाद और टीएमसी विधायक के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष के बीच में ही जमीनों के दाम बढ़ाकर आम नागरिकों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। अग्रवाल ने सुझाव दिया कि सरकार इस निर्णय को तत्काल रोककर एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करे और यदि आवश्यक हो तो इसे अगले वित्तीय वर्ष से लागू किया जाए।
सांसद ने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व मंत्री अमरजीत भगत श्वेत पत्र की मांग कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस को पहले अपने पांच साल के कार्यकाल का “ब्लैक पत्र” जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता पहले ही कांग्रेस को नकार चुकी है और अब उन्हें नैतिकता की बात नहीं करनी चाहिए।
संसद में जारी विपक्ष के हंगामे पर उन्होंने कहा कि संसद चर्चा और संवाद का मंच है, लेकिन विपक्ष ने इसे हंगामे का अखाड़ा बना दिया है। उनका कहना था कि पिछले सत्र से लेकर मौजूदा सत्र के शुरुआती दिनों तक विपक्ष ने विधायी कामकाज को बाधित किया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
SIR के मुद्दे पर बृजमोहन अग्रवाल ने दावा किया कि बिहार की जनता ने इस प्रक्रिया को सही ठहराया है, क्योंकि यह मतदाता सूची को शुद्ध करने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों को भी वोट देने का अधिकार देना चाहती है, जबकि जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
टीएमसी विधायक के बाबरी मस्जिद पर आए विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे “निंदनीय” बताया और कहा कि जो लोग बाबर को अपना आका मानते हैं, उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने ममता बनर्जी पर भी हमला करते हुए कहा कि उनकी राजनीति का देश और समाज के हितों से कोई लेनादेना नहीं है, वे सिर्फ सत्ता की राजनीति में लगी हैं।




