नगर पालिका की लापरवाही उजागर — प्रतिबंधित प्लास्टिक व मेडिकल वेस्ट खुले में डंप, मवेशियों व नागरिकों की सेहत पर खतरा

खैरागढ़
नगर पालिका की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। शहर का कचरा मणिकंचन केंद्र में छांटने की बजाय धमधा मार्ग स्थित मुड़पार खार के तालाब किनारे खुले में फेंका जा रहा है। यहाँ पर प्रतिबंधित पॉलिथीन, थर्मोकोल, डिस्पोजल सामग्री, मेडिकल वेस्ट, इस्तेमाल किए गए डायपर और सैनेट्री पैड तक पड़े मिले, जिन्हें मवेशी खा रहे हैं। कचरे में आग लगाने से उठने वाला जहरीला धुआँ आसपास के लोगों और किसानों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है।
पास के किसान मुन्ना सिन्हा का कहना है कि हवा के साथ उड़कर पॉलिथीन खेतों तक पहुँच रही है और धुएँ के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों द्वारा कई बार रोकने की मांग के बाद भी नगर पालिका लगातार इसी स्थान पर कचरा डाल रही है।



राज्य और केंद्र सरकार द्वारा पॉलिथीन पर प्रतिबंध होने के बावजूद शहर में इसका उपयोग जारी है और नगर पालिका किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने में असमर्थ दिख रही है। खुले में कचरा फेंकना और जलाना पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है, जिसके लिए NGT और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है।
पूरा मामला सामने आने के बाद भी अधिकारी जवाब देने से बचते दिखे। लोगों ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।




