पुलवामा हमले की बरसी: शहीदों को नमन, देश ने ‘ब्लैक डे’ के रूप में किया याद

नई दिल्ली। देश आज 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले की बरसी को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मना रहा है। वर्ष 2019 में हुए इस भीषण आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। सात साल बाद भी यह दिन देश के लिए गहरे शोक और गर्व—दोनों का प्रतीक बना हुआ है।
देशभर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि सभाओं, मौन जुलूसों और पुष्पांजलि कार्यक्रमों के माध्यम से याद किया गया। राजधानी से लेकर राज्यों तक सरकारी और सामाजिक संगठनों ने शहीदों के बलिदान को नमन किया। कई जगहों पर सुबह दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
बरसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है, जबकि खुफिया एजेंसियां लगातार अलर्ट पर हैं। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।



नेताओं और देशवासियों की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने कहा कि देश अपने वीर जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पूरी दृढ़ता से जारी रहेगी।
सोशल मीडिया पर भी #PulwamaAttack, #BlackDay और #MartyrsOfPulwama जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे। आम नागरिकों ने भावुक संदेशों के साथ शहीदों की तस्वीरें साझा कर एकजुटता और सम्मान व्यक्त किया।
पृष्ठभूमि
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला किया गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। यह हमला भारत के इतिहास के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है।




पुलवामा हमले की बरसी पर पूरा देश एक स्वर में कह रहा है—
“शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”
यह दिन न केवल शोक का, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प और एकता का भी प्रतीक है।




